चहनियां। टांडाकला गांव में विवाहिता ने प्रेमी संग मिलकर अपने ही पति की हत्या कर शव को गंगा में फेंक दिया। युवक के गायब होने की सूचना के बाद जब पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस गंगा में युवक के शव की तलाश कर रही है। इस मामले में पुलिस ने पत्नी सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
टांडाकला गांव निवासी अरुण शर्मा (27) पुत्र बालचंद शर्मा की टांडाकला बाजार में होम्योपैथ की डिस्पेंसरी चलाता था। सात वर्ष पहले उसकी शादी गाजीपुर के रौजापर पर गांव के गुलाब शर्मा के पुत्री प्रियंका से हुई थी। दोनों से तीन बच्चे हैं। प्रियंका ने 31 जनवरी को परिवार वालों को बताया कि शनिवार की शाम से सात बजे उसके पति अरुण शर्मा घर से निकले लेकिन अब तक वापस नहीं लौटे। इस पर अरुण के बड़े भाई विनोद शर्मा ने थाने में भाई के गुमशुदगी की तहरीर दी और जांच पड़ताल शुरू कर दी। प्रियंका से पूछताछ की गई तो वह सही ढंग से पति के गायब होने के बारे में नहीं बता पाई। शक होने पर जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो प्रियंका ने गांव के ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। बताया कि उसने पति को नींद की दवा खिलाकर अचेत कर दिया। इसके बाद गला रेत कर उसकी हत्या कर दी और कंबल में लपेट कर शव को सैदपुर के समीप गंगा में फेंक दिया। विवाहिता के इस कबूलनामे के बाद सभी के होश उड़ गए। पुलिस ने सोमवार की सुबह गोताखोरों की मदद से अरुण की तलाश शुरू कर दी लेकिन देर शाम तक उसका पता नहीं चला। पुलिस ने प्रियंका के साथ गांव के ही चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं अरुण की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। अरुण की संतान तीन बच्चों मे लाले छह वर्ष, जूजू दो वर्ष और गुड्डू आठ माह को तो पता भी नहीं है कि पिता अब इस दुनियां में नहीं है और मां ने ही उनकी हत्या कर दी है। इस संबंध में सीओ भुवनेश चिकारा ने बताया कि महिला ने पति की हत्या कर शव को गंगा में फेंकने की बात स्वीकार की है। इसी आधार पर शव की तलाश करते हुए जांच की जा रही है। अभी परिवार वालों की तरफ से हत्या संबंधी कोई तहरीर नहीं मिली है। पुलिस अपनी तरफ से जांच कर रही है।