चंदौली। धान का कटोरे के नाम से प्रसिद्ध जिले में शुक्रवार को गेहूं खरीद के लिए 29 क्रय केंद्र खोले गए। पहले दिन कोई खरीद नहीं हो सकी। ज्यादातर केंद्र सुनसान रहे। वहीं कई केद्रों पर किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ तो कई केंद्रों पर परेशानी का भी सामना करना पड़ा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 29 क्रय केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया है। इस बार 50 केंद्र खोलने और 83 हजार एमटी गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि किसानों के पंजीकरण के सत्यापन की रफ्तार काफी धीमी है।
मुख्यालय स्थित नवीन मंडी परिषद में शुक्रवार को दो केंद्र खुले थे लेकिन कोई किसान जो बेचने नहीं आया।डिप्टी आरएमओ अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के मंशा के अनुरूप एक अप्रैल से क्रय केंद्रों को चालू कर दिया गया। फिलहाल 29 क्रय केंद्रों को क्रियाशील कर दिया गया है। इस बार जिले में 50 केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा गया है। 38 केंद्रों को स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें विपणन शाखा के 18, पीसीएफ के 19 और भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र शामिल है। इस बार किसान प्रति हेक्टेयर 36.43 क्विंटल अनाज बेच सकते हैं। सरकार ने 2015 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किया है। जिले में 83 हजार टन अनाज खरीद का लक्ष्य रखा गया है। जनपद में गेहूं विक्रय के लिए 9216 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसमें 383 किसानों के आवेदन का सत्यापन हुआ है। कहा कि खरीद प्रकिया की निगरानी की जाएगी। ई-पाप मशीन पर अंगूठा लगवाकर ही केंद्र प्रभारी किसानों से अनाज खरीदेंगे। धांधली करने वाले केंद्र प्रभारियों व किसानों के खिलाफ कार्रवाई तय है। बताया कि पिछले साल जिले में 48 क्रय केंद्रों को खोलने की ही मंजूरी मिली थी। इस बार 50 केंद्रों को खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
चंदौली। जिले में इस बार गेहूं की फसल पिछड़ने की वजह से क्रय केंद्रों पर भीड़ नहीं देखने को मिल रही है। मुख्यालय स्थित नवीन मंडी परिसर में एफसीआई और मार्केटिंग के क्रय केंद्र खोले हैं जहां कर्मचारी किसानों का इंतजार करते दिखाई दिए। उनका कहना था कि अभी तक कोई किसान गेहूं लेकर नहीं आया है लेकिन शुक्रवार से खरीदारी शुरू हो गई है जैसे ही किसान लेकर आएंगे वैसे ही खरीदारी शुरू कर दी गई।संवाद
चंदौली। सरकारी विभाग की माने तो इस वर्ष जिले में लगभग एक लाख से अधिक हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है लेकिन गेहूं की फसल अभी खेतों में दिखाई दे रही है। गेहूं की बुवाई पिछड़े होने के कारण गेहूं की तैयारी नहीं हो पाई। किसानों का कहना है कि गेहूं की पछेती खेती होने के कारण अभी गेहूं के पकने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा। गेहूं की बिक्री के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा रहा है ताकि गेहूं की बिक्री क्रय केंद्रों पर की जा सके।
शहाबगंज/इलिया। एक अप्रैल से गेंहू की सरकारी खरीद शुरू करने का फरमान जारी हो गया।लेकिन अभी किसानों का क्रयकेन्द्रो पर रजिस्ट्रेशन का कार्य ही समपन्न नहीं हुआ। उसमें भी आनलाईन या आफलाईन खरीद होगी इसका भी कोई आदेश नहीं आया है। विपणन शाखा केन्द्र पर रजिस्ट्रेशन का कार्य प्रारम्भ हुआ जहां 23 किसानों ने गेंहू बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।उसके बाद रजिस्ट्रेशन का कार्य बंद कर दिया गया।लेकिन रजिस्ट्रेशन की सूचना जैसे ही किसानों को मिला सैकड़ों की संख्या में किसान पहुंच गये।लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं होने से नाराज होते हुए घर वापस चले गये।वही किसानों का कहना है कि आफ लाईन और आन लाईन के चक्कर में काफी समस्या उठानी पड़ी,धान खरीद का समय सीमा बढ़ाने के बाद भी धान बिक नहीं पाया।अब फिर रजिस्ट्रेशन में समस्या होने लगी।वही शाखा प्रभारी भूपेन्द्र सागर ने बताया कि सोमवार से रजिस्ट्रेशन का कार्य शासनादेश के अनुसार प्रारंभ कर दिया जायेगा।
कंदवा/नियामताबाद/चकिया। कंदवा थाना क्षेत्र में अभी मात्र चिरईगांव में शुक्रवार को मार्केटिंग का क्रय केंद्र खोला गया है। क्रय केंद्र प्रभारी वंदना सिंह केंद्र पर पहुंची थीं लेकिन अभी गेहूं तैयार न होने के चलते खरीद नहीं हो सकी। नियामताबाद क्षेत्र के सेमरा में गेहूं खरीद केंद्र खोला गया है। अभी तक केंद्र पर खरीद शुरू नहीं हुई है। वहीं चकिया के विपणन अधिकारी हिमांशु मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर एक अप्रैल शुक्रवार को गेहूं क्रय केंद्र के लिए क्षेत्र के मुड़हुआ दक्षिणी गौरी सिकंदरपुर गणेशपुर में क्रय केंद्र खोल दिए गए हैं। किसानों से संपर्क बनाया जा रहा है। गेहूं की फसल की कटाई चल रही है इस वजह से किसान नहीं आ रहे हैं।संवाद