नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर छह बिछड़ी मुहल्ले के घरों तक सरकारी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कारण यहां कई क्षेत्रों में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। सभासद का दावा है कि विकाय कार्यों पर करीब एक करोड़ से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। वहीं वार्ड में सीवर लाइन भी नही बिछाया गया। जबकि गंदगी और खस्ताहाल सड़कें भी वार्डवासियों को दर्द दे रही हैं।
एक मोहल्ला ऐसा भी है जहां के लोग सड़क बनवाने के लिए सभासद, विधायक और सांसद तक से गुहार लगा चुके हैं। यहां तक कि तहसील दिवस में भी शिकायत की जा चुकी है। बावजूद इसके इस मार्ग पर सिर्फ मिट्टी ही पड़ सकी है। वार्ड में लगे खम्भे तक जर्जर हो चुके हैं।
रिटायर्ड रेलकर्मी तारकेश्वर चौबे का कहना है कि वर्ष 2005 से वह क्षेत्र में रह रहे हैं लेकिन आज तक उनके घर तक की सड़क नहीं बन सकी। तहसील दिवस पर अधिकारियों से शिकायत भी कि, इस पर वहां से एक पत्र भी प्राप्त हुआ, जिसमें सड़क निर्माण कराये जाने की बात कही गयी थी। उसे भी आये पांच महीने हो गए। स्थिति बदतर बनी हुई है।
किसी भी अधिकारी ने अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्डवासी संजय यादव ने बताया की सीवर लाइन न होने से समस्या काफी दयनीय हो जाती है। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर लग जाता है। जिससे लोगों का राह चलना मुश्किल हो जाता है।
एेसे में खास तौर से महिलाओं और बच्चों को गंदगी से दो चार होना पड़ता है। सफाई कर्मियों के नहीं आने से हालात और भी ख़राब हो गए हैं। कूड़े कचरे से उठ रही दुर्गंध लोगों को नाक पर रुमाल रख कर गुरने को मजबूर करती है। सफाई के लिए कई बार पालिकि परिषद का चक्कर लगाने के बाद भी नतीजा सिफर ही रहा है।
इंडियन आयल के समीप मकान बनाकर रहने वाली दुर्गावती देवी का कहना है की उनके मोहल्ले में बिजली के पोल का बहुत बड़ा संकट है। जर्जर यह पोल खतरना हो चुका है। एक या दो पोल के सहारे सभी के घरों में बिजली की सप्लाई की जा रही है। तारों का इतना जाल हो गया है कि कौन सा तार किसके घर का है, पता लगाना मुश्किल है।
जबकि एक पोल तो जर्जर हालात के कारण गिरने के कगार पर है। ऐसे में यदि पालिका ने ध्यान नहीं दिया तो कभी भी बड़ा हादसा होते देर नहीं लगेगी। यहां भी शिकायत करने के बाद कोई नतीजा नहीं निकल सका। वार्ड की रहवासी सुमन देवी ने बताया की गंदगी हटाने और सरकारी पानी के उचित व्यवस्था न होना सबसे बड़ी समस्या है।
कहा कि गर्मी आते ही जलस्तर नीचे चला जाता है, इससे हैंडपंप भी कभी कभी पानी देना बंद कर देता है। इसके चलते घर के कामकाज के साथ ही अन्य कामों में परेशानी खड़ी हो जाती है। या फिर कुआुं और हैंडपंप का सहारा लेना मजबूरी बन जाता है।
दूसरी तरफ बिजली कटौती के कारण खिड़की खोलकर सोना भी नहीं हो पाता है क्योकि साफ़ सफाई की व्यवस्था न होने से मच्छर परेशान करते हैं। कई बार शिकायत के बाद भ्ाी इलाके में हालात जस के तस ही हैं।