पीडीडीयू नगर। पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर फिर से गंगा पर दिखने लगा है। शुक्रवार को एक बार फिर गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। दिन भर में आधा मीटर तक गंगा का जल स्तर बढ़ा है। हालांकि अभी गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से पांच मीटर से भी नीचे है लेकिन जिस तेजी से गंगा का जल बढ़ रहा है। उससे तटवर्ती इलाके में फिर से खलबली मची है।
बारिश का मौसम आते ही गंगा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मडराने लगता है। यही नहीं पानी का स्तर कम होने पर तेजी से गंगा कटाव होता है। इससे किसानों की उपजाऊ जमीन गंगा में समा जाती है। इस वर्ष मानसून में अभी तक बारिश कम हुई है लेकिन उत्तर भारत में हो रही बारिश का असर दिख रहा है। जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में तेजी से गंगा का जल स्तर बढ़ा था। लेकिन बाद में यह थम गया था। एक बार फिर बारिश होते ही जल स्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। तटवर्ती इलाके के लाेगों की माने तो दो फुट से अधिक गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं बाढ़ नियंत्रण साइट पर शुक्रवार की शाम छह बजे गंगा का जल स्तर 65.04 मीटर तक पहुंच गया। जिले में गंगा में चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर, खतरे का निशान 71.262 मीटर है। वर्ष 1978 में आई बाढ़ में गंगा का जल स्तर 73.901 मीटर तक पहुंचा था।