किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा चंद्रप्रभा बांध से पिछले कई दिनों से बेवजह पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। किसान नेता वीरेंद्र पाल के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधियों ने पहले भी एसडीएम विनय कुमार मिश्रा से मुलाकात कर पानी छोड़े जाने को रोकने की मांग की थी। इसके बाद अधिकारियों से जिले मुख्यालय पर भी गुहार लगाई गई, लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण कोदोचक क्षेत्र के करीब 8 हेक्टेयर खेतों में पानी भर गया। इसके कारण रामनरेश, मोती, अयोध्या, रामनारायण, वशिष्ठ, नारद सहित कई किसानों की फसल नुकसान के शिकार हो रही है।
किसानों का कहना है कि यदि तत्काल प्रभाव से बांध का पानी नहीं रोका गया तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष वीरेंद्र पाल ने किसानों को एकजुट करते हुए विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ऋषभ राय ने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेश से पानी बहाया गया है।