शिकारगंज। भारी बारिश और अहरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण बुधवार को सुबह गरई नदी पर उफान आ गयाई। चकिया-अहरौरा मार्ग पर अमरा दक्षिणी गांव के पास स्थित जर्जर पुल के ऊपर करीब पांच फीट पानी बहने से आवागमन ठप हो गया। इससे मिर्जापुर, सोनभद्र और वाराणसी समेत अन्य क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अहरौरा बांध के फाटक खोलने से गरई नदी में बहाव तेज हो गया है। जर्जर पुल के ऊपर पानी पहुंचने से यातायात ठप हो गया। इससे आसपास के गांवों के बीच संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गरई नदी पर करीब 10 साल से नया पुल निर्माणाधीन है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। वहीं, विधायक कैलाश आचार्य ने बताया कि निर्माणाधीन पुल का काम पूरा कराने के लिए शासन से मंजूरी मिल चुकी है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बात कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
कंदवा क्षेत्र में लगातार बारिश और बांधों का पानी छोड़े जाने से कर्मनाशा नदी में नदी में उफान आ गया है। इससे तटवर्ती गांवों और सिवान में बाढ़ का पानी घुस गया है। साथ ही कई सड़कों पर चार फीट ऊपर पानी बह रहा है। इससे परेशान आसपास के गांवों के लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने लगे हैं।
बांधों से बड़ी मात्रा में पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा गया है। इससे नदी किनारे बसे अरंगी, लोहरा, कुंवा, अदसड़, ककरैत, करौती, चारी, चिरईगांव, दैथा, मुड्डा, पोखरा धनाइतपुर आदि गांवों के सीवान में फसलें जलमग्न हो गई हैं। वहीं, लोहरा-अरंगी मार्ग, अरंगी-धनाइतपुर मुड्डा मार्ग, ककरैत-अदसड़ मार्ग पर पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है।
ककरैत-दुर्गावती मार्ग पर चार फीट ऊपर पानी बह रहा है। इससे आवागमन ठप हो गया है और यूपी-बिहार का संपर्क भी कट गया है। नदी का पानी निचले हिस्सों में फैलने से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। अरंगी गांव में लोगों के घरों में पानी घुसने लगा है। लोहरा-अरंगी, अरंगी-धनाइतपुर-मुड्डा सड़क डूब गई है। एसडीएम सदर संजय राय, बीडीओ बरहनी शरद चंद्र शुक्ल और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अजीत सिंह के साथ अरंगी समेत आसपास के गांवों में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के मदद की जाएगी।