पीडीडीयू नगर। निजीकरण के विरोध में गोधना स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर चल रहा बिजलीकर्मियों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक कार्य से विरत रहकर निजीकरण के विरोध में नारेबाजी कर सभा की। इस दौरान चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष समिति का आंदोलन जारी रहेगा।
वक्ताओं ने आगाह किया कि सरकार की नीति कर्मचारी संगठन नहीं बनाएंगे तो डिस्कॉम एसोसिएशन भी सरकार की नीति नहीं बनाएगी।
वक्ताओं का कहना था कि नवंबर 2024 के दूसरे सप्ताह में लखनऊ में विद्युत वितरण निगमों की हुई मीटिंग में सुधार के नाम पर वितरण निगमों के निजीकरण का निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि इस मीटिंग में ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के नाम से एक संगठन गठित किया गया। जिसका जनरल सेक्रेटरी डॉ. आशीष गोयल और कोषाध्यक्ष दिल्ली की निजी कंपनी के सीईओ अमरदीप सिंह को बनाया गया। इस नवगठित डिस्कॉम एसोसिएशन में ओडिशा गजानन काले और पीआर कुमार भी हैं। उनका कहना था कि पांच अप्रैल 2018 और छह अक्टूबर 2020 को ऊर्जा मंत्री और वित्त मंत्री के साथ हुए लिखित समझौते में कहा गया है कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति को विश्वास में लिए बगैर प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र में कहीं भी कोई निजीकरण नहीं किया जाएगा। पाॅवर काॅरपोरेशन के चेयरमैन को यह बताना चाहिए कि इन दोनों समझौता की अनदेखी करते हुए उन्होंने निजीकरण का एकतरफा फैसला डिस्कॉम एसोसिएशन के गठन के बाद कैसे किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पाॅवर कारपोरेशन के अधिकारी और चेयरमैन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लंबी-लंबी बैठकें कर अभियंताओं को डांट फटकार लगाने के साथ ही अमर्यादित और अभद्र भाषा का प्रयोग कर अपमानित कर रहे हैं। अनावश्यक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है, क्योंकि अभियंता इसी में फंसे रहते हैं। अभियंताओं का मुख्य कार्य इस भीषण गर्मी में बिजली आपूर्ति बनाए रखना है। धरने में एसडीओ, जेई व अन्य कर्मचारी शामिल रहे।