त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए पहले चरण में लोगों ने खुलकर मतदान किया।
गंवई
लोकतंत्र के चुनाव में नक्सल इलाके में कुल 68 प्रतिशत मतदान हुआ।
नौगढ़
और शहाबगंज ब्लाक में 74 क्षेत्र पंचायत सीटों और तीन जिला पंचायत सदस्य पद
के चुनाव के लिए मतदाताओं की कतार मतदान केंद्रों पर लगी।
अत्यधिक सुरक्षा
व्यवस्था के बीच ग्रामीण मतदान केंद्र पर पहुंचे और अपने मताधिकार का
प्रयोग किया। कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर नौगढ़ में 67 प्रतिशत
तक और शहाबगंज में 69 प्रतिशत मतदान हुआ।
पंचायत चुनाव के
पहले चरण में शुक्रवार की सुबह शहाबगंज और नौगढ़ ब्लाक के 74 बीडीसी और
पांच जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 292 मतदेय स्थलों पर सुबह सात बजे से
नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई।
सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के
बीच मतदान शुरू हुआ। इसके पहले ही मतदाताओं की भीड़ केंद्रों पर जुट गई।
शुरुआती तेजी के बाद दोपहर में मतदान की गति धीमी हुई।
लेकिन शाम को एक बार
फिर मतदान केंद्रों पर भीड़ जुटी। नक्सल प्रभावित इलाका होने के बावजूद
यहां शांति व्यवस्था कायम रही और हल्की नोकझोंक के अलावा बड़ी घटना नहीं
हुई।
बेन गांव में पीठासीन अधिकारियों की लापरवाही की वजह से मतदान की गति
धीमी रही। यहां शाम सात बजे तक मतदान हुआ।
इस तरह यहां कुल 69 प्रतिशत
मतदान हुआ। यहां 74 बीडीसी पदों के लिए 457 प्रत्याशी मैदान में रहे। जिनका
भाग्य मत पेटिका में बंद हुआ।
इसी तरह नौगढ़ ब्लाक के चालीस बीडीसी
सदस्य पदों के लिए 287 उम्मीदवारों के लिए 115 मतदेय स्थलों पर सुबह सात
बजे से मदान शुरू हुआ।
कंदराओं, पहाड़ों और जंगली दुर्गम इलाकों में बने
मतदेय स्थलों पर पोलिंग पार्टियों को पहुंचने में मुश्किल हुई। लेकिन
मतदाताओं का उत्साह देखते ही बना और वे सभी आशंकाओं को खारिज करते हुए
मतदान केेंद्रों पहुंच कर मताधिकार का प्रयोग किया।
यहां देर शाम तक मतदान
का प्रतिशत नहीं मिला, लेकिन शाम चार बजे तक 52 प्रतिशत लोगों ने मताधिकार
का प्रयोग किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी सुरेन्द्र विक्रम,
एसपी अमित वर्मा सहित अन्य अधिकारी इलाके में भ्रमण करते रहे।