रामनगर से पड़ाव तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने के बाद मलबा हटाने जेसीबी लेकर पहुंचे अधिकारियों को चौरहट गांव के लोगों ने वापस लौटा दिया।
इस दौरान ग्रामीणों ने खूब हो हल्ला किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर उनके मकानों को तोड़ा गया है। जब तक उसकी क्षतिपूर्ति नहीं दी जाती है काम नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए अधिकारी वापस लाैट आए।
फोर लेन निर्माण के लिए पिछले दिनों ने सड़क के किनारे के भवनों को जेसीबी से गिरा दिया था। बिना मुआवजा दिए मकानों को गिराने के दौरान कई ऐसे मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए जो अतिक्रमण की जद में नहीं थे। इसको लेकर लोगों में खासी नाराजगी है। इस मुद़्दे को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को हो हल्ला किया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को तहसीलदार राहुल ओर लोक निर्माण विभाग वाराणसी के सहायक अभियंता जितेन्द्र सिंह ने ग्रामीणों संग बैठक कर वार्ता की। तय हुआ कि आबादी की जमीन का मुआवजा नहीं दिया जाएगा केवल भवन का मुआवजा दिया जाएगा।