चकिया। क्षेत्र के मूसाखाड़ बांध से गरलां और पितरपुर गांव को जोड़ने वाले मार्ग पर करीब चार किमी बनाई गई सड़क में भारी धांधली का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने अपने हाथों से सड़क को खोदकर मेटेरियल की मात्रा दिखाते हुए वीडियो बनाया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद डीएम संजीव सिंह ने जांच के लिए कमेटी गठित की है और कहा कि जांच के बाद जो दोषी पाए जाएंगे उन पर कार्रवाई के साथ ही रिकवरी भी की जाएगी। चकिया तहसील अंतर्गत पर्यटन क्षेत्र मुसाखाड़ बांध के किनारे से गरला गावँ से होते हुए पितपुर गावँ के लिए लगभग चार किलोमीटर लंबे सम्पर्क मार्ग का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कराया जा रहा है । ग्रामीणों का आरोप है कि नक्सल इलाके में इस सड़क निर्माण में पीडब्ल्यूडी विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से जमकर धांधली की जा रही है। सरकार का उद्देश्य संपर्क मार्ग को बनाने का यह था कि पहाड़ी क्षेत्र में लोगों को आवाजाही में सुगमता मिले। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी कर्मचारी और ठेकेदार ने मिलकर जमकर बंदरबांट किया और मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री लगाकर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है । ग्रामीणों को जब इस बात की जानकारी हुई तो ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और सड़क मार्ग पर जाकर देखा तो नियम को ताक पर रख सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था । आलम यह था कि ग्रामीण अपने हाथ से ही नई बनाई सड़क को उखाड़ दे रहे थे और नई बनी सड़क को हाथ में ले रहे थे।
ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से कर दी और मौके से वीडियो भी जिलाधिकारी को भेज दिया ।वीडियो देखने के बाद जिलाधिकारी संजीव सिंह आग बबूला हो गए और उन्होंने इस मामले में जांच कमेटी गठित की और तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी ने आस्वस्त किया है की जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी और उनसे रिकवरी भी की जाएगी ।