टांडाकला के नदेसर सलेमपुर में नाले पर पैदल बना रास्ता। संवाद
चहनिया ब्लॉक के नदेसर और सलेमपुर गांव के बीच गंगा नदी के सोता (बड़ा नाला) पर पुल बनाने की मांग प्रशासन ने अनसुनी कर दी। शुक्रवार को ग्रामीणों ने श्रमदान कर उसपर अस्थायी पुल बना दिया। पुल बनने से खेत से घरों की दूरी दो किलोमीटर कम हो गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से यहां पक्का पुल निर्माण की मांग की है। गांव के लोगों का कहना है कि बारिश होने पर नाले में पानी बढ़ जाता है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी नाले में पानी रहने के कारण रास्ता कई महीनों तक बंद रहता है। इस मार्ग से मरुफपुर और सैदपुर के 300 लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को नैढ़ी गांव या भूसौला पुलिया से होकर जाना पड़ता है।
नदेसर निवासी मैनेजर यादव ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए सबने मिलकर खुद ही रास्ता बनाने का फैसला किया। लगभग 15 वर्ष पूर्व तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य चंद्रमा यादव की ओर से चार सीमेंट का पाइप दिया गया था, जो नाले के पास ही पड़ा था। ग्रामीण राजा यादव, वीरेंद्र यादव, गम्मू मौर्य और राजेश कन्नौजिया ने निजी खर्च पर अस्थायी पुल बनाया।