प्रशासनिक जज विजय लक्ष्मी ने सोमवार को सदर कचहरी परिसर समेत न्यायालय भवन
का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कचहरी परिसर में जलजमाव और गंदगी को
देखकर नाराजगी व्यक्त की।
साथ ही न्यायालय के कार्यालयों का भी
निरीक्षण किया। इस दौरान व्याप्त दुर्व्यवस्था को दूर करने के लिए एडीएम
शिवशंकर शर्मा को निर्देश दिया। इसी क्रम में उन्होंने पीडब्ल्यूडी
डाकबंगले पर जनपद स्तरीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों संग बैठक की।
साथ ही
जनपद न्यायालय के लिए तत्काल भूमि उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
इस
दौरान उन्होंने अधिकारियों से न्यायालय से संबंधित विषयों पर चर्चा की। इस
अवसर पर अधिवक्ताओं ने बाघो, धूरीकोट, कृषि विज्ञान केंद्र परिसर, मंडी
समिति की भूमि का आदि के बारे में प्रशासनिक जज को अवगत कराया। अधिवक्ताओं
ने बताया कि कृषि विभाग की 3.80 हेक्टेयर जमीन खाली पड़ी है।
वहां नायब
तहसीलदार ने उक्त भूमि के बारे में विस्तार से जानकारी मुहैया कराई।
न्यायालय भवन निर्माण के लिए कृषि विभाग की जमीन को उपयुक्त माना गया।
उन्होंने एक महीने में भूमि उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया। वहीं
फैमिली कोर्ट के लिए तहसील परिसर में खाली पडे़ हाल को खुलवाने का आदेश
दिया। कहा कि पिछले बार निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन ने न्यायालय
निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के अलावा फैमिली कोर्ट के लिए जगह देने
का आश्वासन दिया था।
बावजूद इसके इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने
जिला जज डा. एनके बहल को आदेश दिया कि डीएम से वार्ता कर जल्द से जल्द
भूमि उपलब्ध की दिशा में पहल करें ताकि आगामी नवरात्र में जिला न्यायालय
भवन निर्माण की नवरात्र में आधारशिला रखी जा सके।
बैठक में सिविल बार
एसोसिएशन के महामंत्री वीरेंद्र प्रताप सिंह दाढ़ी समेत अन्य अधिवक्ताओं ने
मुख्यालय पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण, कचहरी परिसर में दुर्व्यवस्था, वाहन
चोरी आदि कई समस्याओं से भी अवगत कराया। इस मौके पर एसपी मुनिराज जी,
तहसीलदार सुक्रमा विश्वकर्मा, नायब तहसीलदार गुलाब चंद्रा, आनन्द सिंह,
मुरलीधर सिंह, राकेश रत्न तिवारी, श्रीनिवास, राणा सिंह आदि उपस्थित रहे।