रेलवे स्टेशन पर उत्पीड़न की घटनाओं के विरोध में लाइसेंसी वेंडरों ने शुक्रवार की सुबह डीआरएम आफिस पहुंच कर प्रदर्शन किया। इस दौरान आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के आला अधिकारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि उत्पीड़न नहीं रुका तो स्टेशन के स्टालों को बंद किया जाएगा और उग्र आंदोलन किया जाएगा। बाद में नगर पालिका अध्यक्ष पति व भाजपा नेता रमेश जासवाल के साथ वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक दयानंद को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इसके पूर्व वेंडरों ने बताया कि ए प्लस श्रेणी के मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर 35 स्टाल संचालित होते हैं। सभी पर चार वेंडरों को लाइसेंस दिया गया है, लेकिन स्टाल बड़ी बड़ी फर्मों के नाम पर है और फर्म संचालक मैनेजरों को यहां बैठा रखे हैं। मैनेजर सामान की बिक्री पर छह प्रतिशत कमिशन मिलता है और इसमें चारों वेंडरों का बटवारा होता है। ऐसे में एक वेंडर पर बिक्री का डेढ प्रतिशत कमिशन मिलता है जो सौ से डेढ़ सौ रुपये होता है। इतने कम में परिवार चलाना मुश्किल है। गुरुवार को पांच लाइसेंसी वेंडरों को पकड़ लिया गया। यही नहीं स्टालों के लाइसेंस धारक वेंडरों से ही ड्रेस, नेम प्लेट और मेडिकल बनवाने को कहते हैं। प्रदर्शन करने वालों में राजेश कुमार सोनी, संजय तिवारी, चंदन कुमार, संतोष, विनोद तिवारी, कृपाशंकर, संदीप, जटाशंकर, संतोष बिंद, विजय सोनकर, डब्लू जायसवाल, मनोज, रितेश, अखिलेश यादव आदि रहे।
सुनील, मनोज, घनश्याम, प्रीतम, रिंकू, सतेन्द्र, अतुल, शिव यादव आदि रहे। इस बावत सीनियर डीसीएम दयानंद ने बताया कि मामले की जांच करायी जा रही है। यही नहीं स्टाल के लाइसेंस धारकों से बात कर मामले का हल कराया जाएगा।