नगरवासियों के लिए यातायात की समस्या अब रोजमर्रा की मुसीबत बन गई है। फोरलेन के निर्माण कार्य और यातायात व्यवस्था में लापरवाही के चलते पीडीडीयू नगर में रोजाना पांच से छह घंटे तक भीषण जाम लग रहा है। शुक्रवार को तो स्थिति और भी खराब रही, जब सुबह से ही जीटीआर ब्रिज से नई बस्ती तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और दोपहर 11 बजे से शाम 5 बजे तक सड़कें थम सी गईं।
सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूलों के छुट्टी के समय देखने को मिल रही है। बच्चे घंटों तक स्कूल बसों और ऑटो में फंसे रहे। कई अभिभावक मजबूर होकर बीच रास्ते से बच्चों को पैदल लेकर घर गए। वहीं, मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले वाहन भी जाम में फंस गए, जिससे लोगों में आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में फोरलेन निर्माण के दौरान वैकल्पिक यातायात व्यवस्था नहीं बनाई गई। जगह-जगह खोदे गए गड्ढे और अर्धनिर्मित सड़कें यातायात की रफ्तार को और धीमा कर रही हैं।
ऊपर से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती पर्याप्त नहीं है, जिससे जाम की समस्या विकराल होती जा रही है। व्यापारियों ने बताया कि जाम के कारण ग्राहक समय पर दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं, दैनिक यात्रियों को तय दूरी तय करने में दोगुना समय लग रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि फोरलेन निर्माण कार्य को तेज किया जाए और साथ ही यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए, ताकि नगर की सड़कों पर चलना आसान हो सके।
सड़क पर चल रही सब्जी मंडी, जाम से परेशान लोग
नगर में सब्जी मंडी का संचालन लंबे समय से सड़क पर ही हो रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। सड़क के निर्माण कार्य के कारण फिलहाल केवल एक लेन से आवागमन हो रहा है, लेकिन उसमें भी करीब 150 से अधिक सब्जी दुकानों के सड़क पर लगने से घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी के लिए स्थायी स्थान तय करने को लेकर पिछले 10 वर्षों से प्रशासन सिर्फ आश्वासन देता आ रहा है, लेकिन अब तक जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप रोजाना खरीदार, वाहन चालक और स्कूली बच्चे जाम की मार झेलने को मजबूर हैं। व्यापारियों का कहना है कि वे भी इस अव्यवस्था से खुश नहीं हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा वैकल्पिक स्थान उपलब्ध न कराने के कारण मजबूरी में सड़क पर दुकानें लगानी पड़ रही हैं। वहीं, राहगीरों और वाहन चालकों का कहना है कि सब्जी खरीदने आए लोगों के वाहन सड़क पर खड़े होने से जाम और भी बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द सब्जी मंडी के लिए स्थायी जमीन आवंटित करे और निर्माण कार्य पूर्ण होने तक अस्थायी स्थान तय कर वहां मंडी शिफ्ट करवाई जाए, ताकि नगर की यातायात व्यवस्था में सुधार हो सके।
पड़ाव पर लबे सड़क चार अवैध ऑटो और बस स्टैंड से घंटों जाम
स्थानीय चौराहे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। चारों दिशाओं में ऑटो का जमावड़ा और बीच सड़क पर संचालित एक अवैध बस स्टैंड लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। पड़ाव-रामनगर मार्ग पर स्थित संकरी पुलिया से एक समय में केवल एक ट्रक ही गुजर पाता है, वहीं पुलिया पार करने के बाद डिवाइडर के दोनों ओर बची आधी सड़क पर सैकड़ों ऑटो और बसें खड़ी होकर खुलेआम सवारियां भरती हैं।
शुक्रवार को भी इसी अव्यवस्था का नतीजा यह रहा कि सड़क पर तीन घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। यात्री और वाहन चालक धूप में फंसे रहे, जबकि प्रशासन के सामने ही सड़क पर वाहन खड़े कर सवारियां भरने का सिलसिला बेखौफ जारी रहा। स्थानीय दुकानदार सुजीत ने बताया कि अवैध स्टैंड और अनियंत्रित ऑटो संचालन ने यातायात को पूरी तरह पंगु बना दिया है। आए दिन एंबुलेंस और स्कूली वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे आपात स्थिति में गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
यह है स्थिति
03 किमी नगर के मार्ग पर रोज लग रहा जाम
06 घंटे से ज्यादा समय तक रोजाना लग रहा जाम
2000 हजार से ज्यादा वाहन रोजाना जाम की चपेट में
500 से ज्यादा स्कूली बस भी रोजाना दो से तीन घंटे फंसते हैँ
10 वर्षों से ज्यादा समय से सड़क पर चल रही सब्जी मंडी
150 से ज्यादा सब्जी की दुकानें सड़क पर लगती हैं
05 अवैध स्टैंड का संचालन पड़ाव पर सड़क के बीचोबीच होता है
70 से ज्यादा ऑटो नगर में एक लेन में कतार में रहते हैं खड़े
नगर में सड़क निर्माण की वजह से एक ही लेन संचालित हो रही है। उसी में वाहनों का दबाव है इस वजह से जाम की स्थिति है। हालांकि यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए नगर में प्रर्याप्त यातायातकर्मियों को लगाया गया है।
-सत्यप्रकाश यादव, यातायात प्रभारी, चंदौली