बढती तपिश और गर्मी से सब्जियों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। पिछले एक माह में सब्जियों की कीमतें दोगुनी तक बढ़ जाने से थाली से सब्जियां गायब होने लगी हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अत्यधिक गर्मी से सब्जियों के उत्पादन में तीस प्रतिशत तक की गिरावट आने से यह स्थिति बनी है।
पिछले वर्षों के मुकाबले इस वर्ष अप्रैल माह में कुछ अधिक ही गर्मी हुई है। इस बार अप्रैल माह में चार प्रतिशत अधिक तापमान रहा है। इसका असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है। वहीं सब्जियों की कीमत पर भी इसका असर है। दालों की बढ़ी कीमत के बाद वर्तमान में हरी सब्जियां भी आंख तरेरने लगी हैं।
यहां तक कि लौकी, नेनुआ, भिंडी आदि की कीमत भी तेजी से बढ़ी है। इससे आम लोगों की थाली से हरी सब्जियां कम होने लगी है और लोग इसका विकल्प सोयाबीन की बड़ी, अदौड़ी आदि को अपनाने लगे हैं। नगर के सब्जी में सब्जी बेच रहे मोहन ने बताया कि वर्तमान में सब्जियां कम आ रही हैं। वहीं सब्जियां खरीदने आयी बबिता देवी, मीना देवी, मोहन लाल, विजय कुमार आदि ने बताया कि पहले दालों ने रुलाया और अब हरी सब्जियां लोगों की पहुंच से बाहर हो रही हैं।
बीएचयू के सब्जी वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश पाल ने कहा कि भीषण गर्मी के चलते सब्जियों के उत्पादन में तीस से चालीस प्रतिशत तक गिरावट आयी है। तापमान अधिक होने की वजह से पौधे सूखने लगे हैं और फलियां झड़ रही हैं। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो संकट और बढ़ेगा।