स्थानीय विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों में बिजली आपूर्ति नहीं होने से लोग परेशान हैं। पिछले दिनों आई आंधी से टूटे बिजली के तार व खंभों की मरम्मत दो सप्ताह बाद भी नहीं हुई। वहीं इटवा, सकलडीहा, दरियापुर व धरहरा गांव में ट्रांसफार्मर जला हुआ है। इसको लेकर लोग आंदोलनरत हैं वहीं विभागीय अधिकारी मौन है।
स्थानीय विद्युत उपकेंद्र पर पांच फीडर हैं। सकलडीहा कस्बा, दक्षिणी, कमालपुर, नोनार और चहनियां फीडर से सौ से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति होती है। दो सप्ताह पहले आयी आंधी से कई गांवों में तार टूट गए। इसे अब तक नहीं जोड़ा जा सका है वहीं ट्रांसफार्मरों के जलने पर ग्रामीण आंदोलनरत हैं। ईटवा गांव के 25 केवीए का ट्रांसफार्मर एक सप्ताह से जला है। इस पर ग्रामीण प्रदर्शन कर चुके हैं। शुक्रवार को धरहरा गांव के लोगों ने 100 केवीए के जले ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए उपकेंद्र पर तालाबंदी की। वहीं कस्बा में लगा 100 केवीए ट्रांसफार्मर 20 दिन से जला है। दरियापुर में 25 व कुचमन में 100 केवीए का ट्रांसफार्मर भी काफी दिनों से जला है।
इस बाबत एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि जले ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए ठेकेदार को कहा गया है।
उपकेंद्र पर नहीं रहते एसडीओ, जेई ः स्थानीय विद्युत उपकेंद्र पर जेई और एसडीओ नहीं रहते हैं। जब अधिकारी ही नहीं रहेंगे तो बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधरेगी कैसे। क्षेत्रीय लोगों की माने तो एसडीओ प्रशांत कुमार मुगलसराय और जेई संजय मौर्या वाराणसी में रहते हैं।
जब उपकेंद्र पर बड़ी समस्या आती है तभी अधिकारी यहां दिखते हैं। भाजपा नेता सूर्यमुनी तिवारी ने अधिकारियों के उपकेंद्र पर ठहराव की मांग की है।