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चंदौली: जिला अस्पताल में हंगामा, तोड़े दरवाजे के शीशे, फार्मासिस्ट को पीटा

Fri, 30 Apr 2021 05:10 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली

सार

मरीज के मौत के बाद परिजनों ने घंटों किया बवाल, दो घंटे तक ठप रही चिकित्सा सेवा
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंदौली जिले के कोविड अस्पतालों में आए दिन लापरवाही का आरोप लगाकर मरीजों के परिजनों के हंगामा और तोड़फोड़ की घटनाएं घट रही हैं। शुक्रवार को भी जिला अस्पताल में एक मरीज की मौत से नाराज परिजनों ने पं. कमलापति त्रिपाठी जिला संयुक्त चिकित्सालय में जमकर तोड़फोड़ की। पत्थर मारकर दरवाजों के शीशे तोड़ दिए। वहीं फार्मासिस्ट रजनीश की पिटाई कर दी। घटना के बाद परिजन फरार हो गए। परिजनों के हंगामे और मारपीट के बाद चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वास्थ्य सेवा ठप कर विरोध जताया। करीब दो घंटे बाद अधिकारियों के समझाने पर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो सकी।
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क्षेत्र के लौंदा गांव निवासी वीरेंद्र (28) की तबीयत शुक्रवार की भोर में खराब होने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों की टीम ने जांच की तो ऑक्सीजन लेबल काफी कम मिला। इस पर मरीज को एमसीएच विंग में रेफर कर दिया गया। एमसीएच विंग में भर्ती करने के दौरान ही मरीज की मौत हो गई। इसके बाद चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन आक्रोशित हो गए और जिला अस्पताल पहुंचकर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इमरजेंसी वार्ड में जमकर तोड़फोड़ की। वहीं पत्थर मारकर शीशे तोड़ दिए। फार्मासिस्ट रजनीश ने इसका विरोध किया तो उनकी भी जमकर पिटाई कर दी।

 
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चिकित्सकों की मानें तो उसी समय पुलिस को फोन किया गया था। हालांकि कोतवाल ने पुलिसकर्मियों की कमी की वजह से तत्काल फोर्स भेजने से इनकार कर दिया। करीब आधे घंटे के तोड़फोड़ के बाद लोग चले गए। वहीं इस मामले में चंदौली थाना प्रभारी ने बताया कि अभी कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई होगी।

पुलिस की लापरवाही से चिकित्सक नाराज
घटना को लेकर चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों में पुलिस के प्रति गहरी नाराजगी व्याप्त है। पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई न किए जाने से नाराज स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पताल में चिकित्सा सेवा ठप कर विरोध जताया। आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात रहे जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. संजय कुमार ने बताया कि परिजनों की ओर से काफी तोड़फोड़ और उपद्रव की गई। फार्मासिस्ट की भी पिटाई की गई। घटना से पुलिस को अवगत करा दिया गया है। लेकिन पुलिस का कोई रिस्पांस नहीं मिला। इसे लेकर चिकित्सकों में आक्रोश है।
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