वन विभाग की टीम ने जेसीबी मंगाकर भूमि की सुरक्षा के लिए खाई खुदवाने की तैयारी शुरू की, लेकिन महिलाओं ने जेसीबी के सामने लेटकर कार्रवाई रोक दी। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच घंटों तक बहस और नोकझोंक चलती रही। काफी समझाने के बाद भी जब ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं हुए तो प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई स्थगित कर दी और जेसीबी वापस भेज दी गई।
ग्रामीणों ने साफ कहा कि यह जमीन उनके परिवारों की आजीविका का एकमात्र साधन है। यदि जमीन छीन ली गई तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि वे किसी भी कीमत पर जमीन खाली नहीं करेंगे।वहीं प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि वन विभाग की सरकारी जमीन है, जिस पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महिलाओं ने संभाला विरोध का मोर्चा
प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होते ही गांव की महिलाएं सबसे आगे आ गईं। महिलाओं ने पहले ट्रैक्टर को रोका, फिर जेसीबी के आगे लेटकर काम बंद करा दिया। कई महिलाओं ने अधिकारियों से तीखी बहस करते हुए कहा कि जब तक उनका पक्ष नहीं सुना जाएगा, तब तक किसी भी कीमत पर कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।
चार थानों की पुलिस और भारी फोर्स रही तैनात
स्थिति को देखते हुए चकिया क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में नौगढ़, चकरघट्टा, चकिया और साहबगंज थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। लगभग 80 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने का प्रयास किया।
ग्रामीणों का दावा- '50 वर्षों से कर रहे हैं खेती'
ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि को वन विभाग अपनी बता रहा है, उस पर उनके पूर्वज करीब पांच दशक से खेती करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि बिना नोटिस दिए अचानक कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से पहले राजस्व अभिलेखों की जांच और सुनवाई की मांग की।
वन विभाग का दावा- 'सरकारी भूमि पर नहीं होगा कब्जा'
वन विभाग के एसडीओ वरुण सिंह ने कहा कि संबंधित भूमि वन विभाग की है। भूमि की सुरक्षा और सीमांकन के लिए खाई खुदवाई जा रही थी। सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अधिकारी बोले
सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक होने पर दोबारा अभियान चलाकर जमीन कब्जामुक्त कराई जाएगी। -विनय मिश्रा, एसडीएम, नौगढ़