आरोप है कि उसे जबरन थाने ले जाने लगे तो उसने कहा कि मेरी 10 वर्ष की बीमार दिव्यांग बेटी है। जो चलने और खाने-पीने में असमर्थ है मैं उसे छोड़कर नहीं जा सकती। इस पर पुलिस ने बच्ची को भी थाने ले जाने को कहा।
चंदन ने बताया कि जब उसे पता चला कि पत्नी और बेटी को अलीनगर थाने में बैठाया गया है तो वहां गया पर कोई सुनवाई नहीं हुई। फिर उसने चंदौली एसपी कार्यालय में गुहार लगाई, वहां से छोड़ देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बच्ची और पत्नी को सात घंटे बाद शाम पांच बजे छोड़ा गया।
बच्ची की दोपहर की दवा छूट गई, जिससे उसकी हालत गंभीर है। इसी बीच बुधवार को महिला के साथ पुलिस का मारपीट और गाली-गलौज का वीडियो वायरल हो गया। जिसके बाद एसपी अमित कुमार ने सीओ सदर को जांच के आदेश दिए हैं।
वहीं, पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और समाजसेवी डॉ. नूतन ठाकुर ने ग्राम अमोघपुर, चौकी आलूमिल, थाना अलीनगर, चंदौली में गांव की महिला को पुलिस द्वारा गाली-गलौज एवं अभद्र आचरण करने के संबंध में कार्रवाई की मांग की है। एडीजी जोन वाराणसी सहित अन्य को भेजी अपनी शिकायत में उन्होंने सवाल उठाया है कि किस हैसियत, कौन से अधिकार से इन औरतों व बच्चों को गाली दी जा रही है। उन्होंने यह भी पूछा है कि मामले में अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।
एसपी अमित कुमा ने बताया कि वीडियो के संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर को जांच के लिए निर्देशित किया गया है। जांचो के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।