बच्चों ने घर के परिजनों को शौचालय जाने की बात कह कर समीप के चंद्रप्रभा नदी में मौज लेने चले गए जहां नदी में नहाते समय पैर फिसलने से दोनों बालक नदी मे डूब गए । जिसको देखकर दोनों के भाई भुवर और गुरुध्यान गांव की ओर दौड़ पड़े और शोर मचाने लगे।
जानकारी मिलते ही गांव के सक्रिय कमलेश यादव के नेतृत्व में कई ग्रामीण लगभग 300 मीटर दूर नदी की ओर दौड़ पड़े। डूबे हुए बालकों की खोज आरंभ कर दी। गुरुदयाल यादव को पाकर ग्रामीण प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंच गए वहां से रिस्पांस न मिलने पर जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंच गए।
वहीं कुछ देर बाद दूसरा युवक हासिल को भी नदी में मिलते ही उसे बाहर निकाल कर जिला संयुक्त चिकित्सालय की ओर दौड़ पड़े। जिला संयुक्त चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर आर आर यादव ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
सूचना मिलने पर पहुंचे विधायक कैलाश आचार्य ने चिकित्सालय में घटना की जानकारी ली और परिजनों को ढांढस बंधाया। कोतवाली पुलिस को परिजनों का सहायता करने का निर्देश दिया।
गुरुदयाल यादव सिकंदरपुर मोड़ स्थित जलधर पब्लिक स्कूल में कक्षा 3 का छात्र था जो इस वर्ष कक्षा 4 में प्रवेश किया था। वहीं हासिल विजयपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 3 का छात्र था। गुरुदयाल के पिता धनंजय यादव गुजरात में और हासिल के पिता नौशाद अली मुंबई में रहकर मजदूरी करते हैं।
बच्चों की घटना पिता को दूर से प्राप्त होने पर असहनीय दुख महसूस किया। हासिल की मां जमीना और गुरदयाल की मां कलावती सहित अन्य परिजनों व गांव के ग्रामीणों के सामने दुख का पहाड़ टूट पड़ा। कोतवाली पुलिस ने उनके परिजनों की तहरीर पर दोनों बालकों के शव को आवश्यक कार्रवाई के बाद अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
कोतवाल अतुल प्रजापति ने बताया कि गांव निवासी उनके परिजन असलम की तहरीर में घटना में किसी का कोई दोस न होने के साथ ही पोस्टमार्टम नहीं कराने का जिक्र किया था जिस पर उनके परिजनों को गुरुदयाल और हासिल का शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।