पीडीडीयू नगर। चंदौली का मिनी महानगर कहा जाने वाला पीडीडीयू नगर का दो किलोमीटर मार्ग जाम जोन बन चुका है। जीटीआर ब्रिज से लेकर नई बस्ती तक रोजाना चार से पांच घंटे तक जाम में 2000 वाहन फंसे रहते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत पीडीडीयू जंक्शन पर ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों और स्कूली बच्चों को होती है।
पीडीडीयू नगर, पूर्वांचल का प्रमुख रेलवे केंद्र और व्यापारिक क्षेत्र है, इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है। जीटीआर ब्रिज से लेकर नई बस्ती तक का महज दो किलोमीटर लंबा मार्ग अक्सर जाम रहता है। रोजाना सुबह से शाम तक चार से पांच घंटे तक सड़क पर वाहन रेंगते नजर आते हैं, जिससे राहगीरों, यात्रियों, मरीजों और स्कूली बच्चों को बहुत कठिनाई होती है।
नगर के पड़ाव से गोधना तक सड़क चौड़ीकरण का काम पिछले साल से से चल रहा है। निर्माण एजेंसी की ओर से सड़क की एक लेन खोदकर छोड़ दी गई है, जिस पर कोई बैरिकेडिंग या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की है। निर्माण स्थल पर धूल, मलबा और गड्ढों में भरा बरसात का पानी वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। बिना किसी समुचित ट्रैफिक प्लान के चल रहे इस कार्य के कारण वाहन चालकों को दिशा और मार्ग का अनुमान नहीं रहता। ट्रैफिक पुलिस कर्मी पर्याप्त संख्या में मौजूद नहीं रहते, जिससे स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। इस मार्ग पर प्रतिदिन दो हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं, जिनमें ऑटो, ई-रिक्शा, बाइक, कार, ट्रक और बसें शामिल हैं। जैसे ही सुबह या शाम का समय होता है, वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत पीडीडीयू जंक्शन से ट्रेन पकड़ने जा रहे यात्रियों को होती है। कई बार यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है तो वहीं मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भी कठिनाई होती है।