डोमरी गंगा की गोद में मिले गंगेश्वर महादेव का भोग शृंगार करते श्रद्धालु। संवाद
गंगा की गोद से निकले शिवलिंग के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को अमावस्या के अवसर पर डोमरी घाट स्थित शिवलिंग का भव्य शृंगार और जलाभिषेक किया गया। इस दौरान सूजाबाद की 21 महिलाओं ने विशेष रूप से पूजन-अर्चन में भाग लेते हुए बाबा भोलेनाथ को 51 किलो फल, 11 किलो मिठाई और सवा किलो मेवा का भोग अर्पित किया। पूरे क्षेत्र में दिनभर भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
5 जून को डोमरी क्षेत्र के सामने गंगा नदी में मछुआरों के जाल में करीब दो क्विंटल वजनी विशाल शिवलिंग फंस गया था। इसे श्रद्धापूर्वक बाहर निकालकर घाट स्थित गंगा चबूतरे पर स्थापित कर दिया गया। इसके बाद से ही यह शिवलिंग क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर दर्शन-पूजन कर रहे हैं। अमावस्या के दिन तड़के चार बजे से ही श्रद्धालुओं का घाट पर पहुंचना शुरू हो गया। महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन किया। पूरे दिन दर्शन, पूजन और जलाभिषेक का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा जल से अभिषेक कर भगवान भोलेनाथ से परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
गंगा के जल से किया अभिषेक, पूजा-पाठ
सूजाबाद निवासी कन्हैया पहलवान, लालबाबू निषाद, दर्शन निषाद, सुभाष तुलस्यान, सुनील मांझी, मुन्ना यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा से जल लेकर हर हर महादेव का नारा लगाते हुए शिवलिंग के पास पहुंचे और अभिषेक के साथ बाबा का भव्य पूजा अर्चना की। पूरे आयोजन के दौरान डमरू, ढोल और गाजे-बाजे की गूंज से घाट परिसर भक्तिमय बना रहा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। श्रद्धालु भजन-कीर्तन और नृत्य करते हुए भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आए। इस दौरान कन्हैया पहलवान ने सुभाष तुलस्यान, लाल बाबू निषाद सहित 10 से ज्यादा वरिष्ठ लोगों को अंगवस्त्र और गंगेश्वर महादेव की तस्वीर भेंट किया।