जिले में शनिवार से यातायात माह की शुरुआत गई लेकिन यातायात व्यवस्था बेपटरी दिखी। जिले में जहां नो पार्किंग लिखे 10 से ज्यादा बोर्ड लगाए गए हैं, वहीं सबसे ज्यादा गाड़ियां खड़ी दिखीं। यातायात विभाग की ओर से चंदासी कोल मंडी के डिवाइडर पर करीब एक किलोमीटर तक 10 से ज्यादा नो पार्किंग के बड़े बोर्ड लगाए गए है। कोल मंडी में नो पार्किंग के सामने ही सड़क किनारे ट्रक रहे। मंडी में ट्रकों के खड़े होने से सिक्स लेन की सड़क सिमटकर एक लेन भी नहीं बचती। यहां प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां हादसे का आशंका हमेशा बनी रहती है। यही नहीं जिस सड़क पर तीन जगहों पर लिखा है कि- ''''धीरें चलें, दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र है। उसी सड़क पर 15 दिनों में 8 से ज्यादा हादसे हुए। इसमें दो लोगों ने भी जान गंवाई।
चंदौली के सबसे बड़े चौराहे पड़ाव पर चार अवैध वाहन स्टैंड संचालित है। चौराहे पर ऑटो वाले सड़क पर ही वाहन खड़ा कर सवारी भरते थे। शिकायत के बाद चंदौली एसपी आदित्य लांग्हे ने आदेश दिया कि चौराहे के चारों तरफ 50 मीटर की दूरी तक कोई भी वाहन खड़ा नहीं होगा। इसके लिए पुलिस ने चारों तरफ नो पार्किंग के बड़े-बड़े बोर्ड भी लगवाया। यहां एसपी के आदेश और यातायात नियमों की रोज ही धज्जियां उड़ाई जाती हैं। चौराहे पर शराब दुकान के सामने और टर्न पर हमेशा 20 से ज्यादा ऑटो खड़े रहते हैं। पीडीडीयू नगर जाने वाले मार्ग पर भी नो पार्किंग के बोर्ड से पहले ही वाहनों की कतार लगी रही। चौराहे पर हमेशा 5-6 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। वे हमेशा मूकदर्शक बने रहते हैं। अधिकारियों या वीआईपी मूवमेंट पर पुलिसकर्मी नो पार्किंग में खड़े वाहनों को हटवाते हैं। चंदासी कोल मंडी में रोजाना 1200 से ज्यादा ट्रकों का आवागमन होता है। इनमें से 500 से ज्यादा ट्रक 24 घंटे सड़क ही खड़े रहते हैं। यातायात विभाग ने कोल मंडी में नो पार्किंग के बड़े बोर्ड लगवाकर कोरमपूर्ति की है।
ब्लैक स्पॉट में भी धीरे नहीं चलते लोग
चंदौली में गोधना-पंचफेड़वा मार्ग ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित है। इस मार्ग पर सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। मार्ग पर दो जगहों पर धीरे चलने के संकेतक और एक जगह पर धीरें चलें, दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र भी लिखा हुआ है। लेकिन इस मार्ग पर पिछले 15 दिनों में तेज रफ्तार की वजह से 8 से ज्यादा हादसे हुए। इसमें दो बाइक सवार ओवरटेक करने में हादसे के शिकार हो गए।
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दिशासूचक बोर्ड में नहीं की सुधार
जिले में प्रशासन की ओर से यातायात माह नियमों को तोड़ने वाले वाहनों के चालान की तैयारी है। पड़ाव, नियामताबाद, चंदौली सहित कई जगहों पर दिशासूचक बोर्ड बदहाल है। लोगों को भ्रम होता है। बोर्ड को विभाग की ओर से सही नहीं किया गया है। वहीं पड़ाव पर नए लगाए गए नो पार्किंग के बोर्ड बीच से फट गए हैं।
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खतरनाक मोड़ नहीं लगाया संकेतक बोर्ड
चहनियां। बलुआ थाना क्षेत्र के चहनियां चौराहे के पास 20 से ज्यादा खतरनाक मोड़ हैं यहां एक भी संकेतक बोर्ड नहीं लगाया गया है। चौराहे के पास ही बिना जरूरत के छह बड़े स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं। इससेसे राहगीर आए दिन घायल हो जा रहे हैं। माल लदे वाहन भी ब्रेकर पर पलट जाते हैं। वहीं मारूफपुर तिरगांवा से लेकर सकलडीहा मार्ग तक संकेतक न होने के कारण लोगों को रुकने या मोड़ने का कोई निर्देश नहीं मिल पाता है। मथेला पुल से गुजरने वाले हजारों लोग रोज नहर मार्ग का उपयोग करते हुए हाईवे या मुगलसराय की ओर जाते हैं। फोरलेन बनने के बाद वाहनों की रफ्तार बढ़ गई है, लेकिन सड़क निर्माण एजेंसी या पीडब्ल्यूडी ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोई संकेतक नहीं लगाया है। जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
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पड़ाव चौराहे पर नो पार्किंग जाेन में ही वाहन खड़े हो रहे हैं। पुलिस की सक्रियता के बाद ये हट जाते हैं फिर वही स्थिति बन जाती है।-जयप्रकाश पटेल, रतनपुर
पड़ाव जिले का सबसे बड़ा चौराहा है। लेकिन यहां यातायात नियमों का पालन न होने से काफी असुविधा होती है। दिशा सूचक बोर्ड भी पूरी तरह से फट चुका है।विजय जायसवाल, भोजपुर
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चंदासी कोल मंडी में सड़क पर सैकड़ों ट्रकों की पार्किंग 24 घंटे रहती है जबकि वहां पुलिस ने नो पार्किंग का बोर्ड भी लगवाया है।संजय कुमार मधुकर, बिसौड़ी
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चंदासी में ट्रकों के खड़े होने से सिक्स लेन की सड़क सिमटकर एक लेन से भी कम बची है। कार्रवाई के नाम पर केवल नो पार्किंग का बोर्ड लगाया गया है।-नौशाद अहमद सिद्दिकी, नाथोपुर
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कोट-पड़ाव, चंदासी सहित जिले में जहां भी नो पार्किंग के बोर्ड लगे हैं वहां कोई वाहन खड़े न होने पाए इसकी पूरी निगरानी की जाती है। अगर कोई वाहन वहां खड़ा पाया जाता है तो उसका चालान किया जाता है। यातायात सुचारू रूप से चल सके इसके लिए हमेशा प्रयास किया जाता है।-सत्यप्रकाश यादव, यातायात प्रभारी, चंदौली
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