कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करते व्यापारी।
एसटी के नए प्रारूप में बदलाव की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले शुक्रवार को व्यापारियों ने नगर में जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने जीएसटी के नए प्रारूप को व्यापारी विरोधी बताया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि गुड्स एंड सर्विसेंस टैक्स (जीएसटी) के नए प्रारूप में विभाग के इंस्पेक्टरों को असीमित अधिकार दिए गए हैं। कोई भी इंस्पेक्टर व्यापारियों की छोटी गलती पर भी उन्हें गिरफ्तार कर सकता है। ऐसे नियमों से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसलिए गिरफ्तारी के प्रावधान को समाप्त किया जाना चाहिए। जीएसटी कानून में व्यापारियों पर विभिन्न धाराओं में पांच हजार से 25 हजार रुपये जुर्माने के अलावा दैनिक जुर्माना लगाना उचित नहीं है। यही नहीं इस व्यापारी विरोधी कानून में एक वर्ष से पांच वर्ष तक जेल भेजने की व्यवस्था भी समाप्त होनी चाहिए। कहा कि इसमें सक्षम अधिकारियों को किसी भी व्यापारिक प्रतिष्ठान में आलमारी, बाक्स व परिसर का ताला तोड़कर जांच करने और सील करने का अधिकार दिया गया है। यह पूरी तरह से गलत है। सभी व्यापारी इस कानून का विरोध करते हैं। अंत में व्यापारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष लक्ष्मीकांत, राजकुमार जायसवाल, मंसूर आलम, चन्द्रेश्वर जायसवाल, कौशल कुमार, सत्यप्रकाश गुप्ता, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता श्याम नारायण शाह व संचालन हरिश्चंद्र ने किया।