पीडीडीयू नगर। कोविड 19 की वजह से लागू लॉकडाउन में मजदूरों से जमकर लूटकांड हो रहा है। पहले मुंबई के अधिकारियों ने फार्म भरने के पैसे लिए। बात नहीं बनी तो दलाल से बात की और ट्रक से घर पहुंचने की सोची लेकिन दलाल और ट्रक चालक ने धोखा दे दिया। बिहार के मधुबनी तक पहुंचाने के लिए प्रति श्रमिक 32 सौ रुपये वसूले लेकिन चंदौली से पहले ही जीटी रोड पर अलीनगर के पास उतार दिया। अब समझ में नहीं आ रहा है कि कहा जाएं। ये वेदना लाकडाउन में फंसे परदेश से घर लौटने वाले श्रमिकों की है।
मुंबई के भिवंडी में पावरलूम में काम करने वाले 42 श्रमिकों का दल ट्रक से बिहार के मधुबनी के लिए चला था। रविवार को ट्रक चंदौली के समीप पहुंचा। यहां चालक ने सभी को उतार दिया। यह सुनकर श्रमिक सकते में आ गए और हो हल्ला करने लगे। बाद में किसी तरह ट्रक चालक ने श्रमिकों को बिहार की सीमा पर नौबतपुर तक पहुंचाया।
लॉकडाउन में काम धंधे बंद हैं और श्रमिकों के सामने भूखमरी की स्थिति है। ऐसे में श्रमिक किसी तरह घर पहुंचना चाहते हैं। श्रमिकों को घर तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है लेकिन केंद्र और राज्य की लड़ाई में इसका पूरा लाभ श्रमिकों को नहीं मिल रहा है। ऐसे में दलाल श्रमिकों को घर तक पहुंचाने के लिए जमकर धन वसूली कर रहे हैं। पिछले 18 वर्षों से मुंबई में काम कर रहे अवधेश ने बताया कि जिंदगी अच्छी चल रही थी लेकिन अचानक लॉकडाउन ने सबकुछ उथल पुथल कर दिया। खाने के दाने दाने को मोहताज हो गए तो किसी तरह घर से पैसा मंगाकर किसी तरह घर के लिए चला है। इसी तरह सनि मुखिया ने बताया कि मुंबई को हम अपना मान चुके थे लेकिन काम बंद होते ही वहां रहना कठिन हो गया। मकान मालिक किराया मांगने लगा और न देने पर बाहर निकल जाने को कह दिया। श्रमिक स्पेशल ट्रेन चली तो आशा जगी थी, हम लोगों ने आवेदन किया और इसके लिए पैसे भी दिए लेकिन आवेदन का क्या हुआ कुछ पता नहीं चला। ऐसे में किसी तरह ट्रक से चला लेकिन यहां भी हमारे साथ धोखा हुआ।