जिले में गेंहू क्रय केंद्रों पर धांधली करने वाले प्रभारियों की अब खैर नहीं है। शासन के निर्देश पर अब ई-पॉप मशीन पर किसान का फिंगर प्रिंट लगवाने के बाद ही उसके उपज की खरीदारी हो सकेगी। ई-पॉप (इलेक्ट्रानिक प्वाइंट आफ परचेज) मशीन जीपीएस से जुड़ी है। ऐसे में यदि मशीन को केंद्र के अलावा कहीं ले जाया गया तो शासन स्तर से लोकेशन ट्रेस की जा सकती है।
क्रय केंद्रों पर किसानों की उपज की खरीदारी को लेकर घटतौली या बिचौलियों से मिलीभगत कर किसानों के नाम पर अनाज खरीदारी के आरोप लगते रहे है। इस पर रोक लगाने के लिए शासन ने ई-पॉप मशीन से अनाज खरीदने की व्यवस्था की गई है। इस मशीन को जीपीएस से जोड़ा गया है। शासन के रिकार्ड में जीपीएस के जरिए संबंधित क्रय केंद्र पर उक्त मशीन का डाटा फीड रहेगा। ऐसे में केंद्र के लोकेशन के अलावा यदि कहीं दूसरे स्थान पर मशीन गई तो शासन स्तर से इसको ट्रेस किया जा सकता है। केंद्र प्रभारियों को हर हाल में किसानों से क्रय केंद्र पर ही अनाज खरीदना होगा। क्रय केंद्र पर अनाज बेचने के लिए सत्यापन कराने वाले किसान का अंगूठा ई-पॉप मशीन पर लगेगा। किसान अपने स्थान पर किसी को नामित भी कर सकता है। हालांकि सत्यापन के समय नामित व्यक्ति का आधार नंबर अपलोड कराना होगा। डिप्टी आरएमओ अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि 40 क्रय केंद्रों पर ई-पॉप मशीन उपलब्ध करा दी गई है। बुधवार से इसके जरिए खरीद भी शुरू हो गई है। ऐसे अनियमितता की शिकायत पर काफी हद तक रोक लग जाएगी।