पीडीडीयू नगर। केंद्रीय वित्त मंत्री ने शनिवार को संसद में आठवीं बार बजट पेश किया। इसमें 12 लाख रुपये सालाना आय को टैक्स फ्री किए जाने की उन्होंने घोषणा की है। इस छूट से चंदौली जिले में तैनात कुल 15 हजार राज्य कर्मचारियों में से 20 प्रतिशत यानि तीन हजार और पीडीडीयू रेल मंडल के साढ़े सात हजार केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। जिले में सबसे ज्यादा 300 राज्य कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग के हैं, जिन्हें इस छूट का लाभ मिलेगा।
शनिवार को प्रस्तुत केंद्रीय बजट की ज्यादातर लोगों ने सराहना की है। हालांकि उद्यमियों ने इसे मिलाजुला बजट बताया है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार सरकार ने बजट के माध्यम से आर्थिक तंत्र के सभी पक्षों को साधने का प्रयास किया गया है। इसके असर की समीक्षा बाद में की जा सकेगी। जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, कलेक्ट्रेट के साथ अन्य विभिन्न विभागों में 15 हजार से ज्यादा राज्य कर्मचारी तैनात हैं। टैक्स स्लैब में छूट से 20 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारियों को अगले वित्तीय वर्ष से इसका लाभ मिल सकता है। इसमें लगभग 350 पेंशनर भी शामिल हैं। बजट में दिए गए टैक्स में छूट से कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले है। अधिकारियों का कहना है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होते ही अन्य कर्मचारियों को भी टैक्स का लाभ मिलेगा। शिक्षक को कुंवर वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बजट में कर्मचारियों को जो राहत दी गई है, वह सराहनीय है। जिले का सबसे बड़े स्वास्थ्य विभाग में 300 से ज्यादा कर्मचारी हैं। इनमें से 20 प्रतिशत कर्मचारी टैक्स के दायरे में थे। प्रस्तावित बजट में टैक्स में छूट मिलने से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। जिला कोषाधिकारी हरिश्चंद्र ने कहा कि 350 ऐसे पेंशन भोगी हैं जो टैक्स के दायरे में थे। टैक्स में छूट का लाभ उन्हें भी अगले वित्तीय वर्ष में मिल सकता है। उधर, पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल और प्लांट डिपो इंजीनियरिंग कारखाना में लगभग 15 हजार रेलवे कर्मचारी हैं। वर्तमान में 50 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारी टैक्स के दायरे में आते हैं। अब 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स से मुक्त किए जाने से रेलवे के कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा। हालांकि रेल कर्मचारी इसे वर्ष 2026 में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से भी जोड़कर देख रहे हैं।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज यूनियन के मंडल अध्यक्ष एसके शर्मा ने बजट को अच्छा नहीं बताया। कहा कि बजट में कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई है। बजट के पैराग्राफ में कर्मचारियों के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं की गई है। पुरानी पेंशन योजना की बहाली, संविदा और ठेकेदारी प्रथा की समाप्ति तथा स्थायी रोजगार सृजन जैसी महत्वपूर्ण मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के केंद्रीय सहायक महामंत्री बीबी पासवान ने कहा कि रेल कर्मचारियों खासकर कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए काफी राहत भरा बजट है। रेल कर्मचारियों को इस बजट से उम्मीद थी कि कोविड काल के दौरान 18 महीने का महंगाई भत्ता फ्रिज किया गया था, उसका एरियर मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।