तीन अंतरराज्यीय प्रवेश द्वार से बदलेगी इलिया कस्बे की सूरत
इलिया। उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर स्थित इलिया कस्बे की पहचान बदलने वाली है। कस्बे सहित क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर तीन अंतरराज्यीय प्रवेश बनाए जा रहे हैं।
करीब 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इन पर आकर्षक पत्थर लगाने के साथ सौर ऊर्जा आधारित लाइटें लगाई गई हैं। रात में रोशनी से प्रवेश द्वार जगमगाने लगे हैं।
क्षेत्र में तीन स्थानों पर अंतरराज्यीय प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। इनमें इलिया कस्बा, पतेरी मोड़ और महादाइच बॉर्डर शामिल हैं। निर्माण पूरा होने के बाद ये प्रवेश द्वार उत्तर प्रदेश से बिहार आने-जाने वाले लोगों के लिए क्षेत्र की पहचान के रूप में नजर आएंगे।
प्रवेश द्वारों पर आकर्षक पत्थर लगाने का काम पूरा हो चुका है।
रात में रोशनी के लिए सौर ऊर्जा आधारित लाइटें भी लगा दी गई हैं। लाइटें जलने के बाद प्रवेश द्वारों की भव्यता और बढ़ गई है। अब मुख्य रूप से पेंटिंग और महापुरुषों के चित्र लगाने का काम बाकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में प्रवेश द्वार बनने से इलिया को अलग पहचान मिलेगी। यहां से गुजरने वाले लोगों को क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान की झलक भी मिलेगी। लोगों ने कहा िक प्रवेश द्वार बनने के बाद कस्बे के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।