जनपद में बुधवार दो सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि सात लोग घायल हो गए। एक घटना में ट्रालर से लगे धक्के से बाइक सवार दो लोगों की तथा दूसरी घटना में ट्रैक्टर पलटने से एक युवक की मौत हो गई जबकि सात अन्य घायल हो गए।
सैयदराजा संवाददाता के अनुसार जमानियां-सैयदराजा मार्ग पर बुधवार को कंदवा थाना क्षेत्र के किलौनी (रेवसा) निवासी सचिन बिंद (19) अपने पड़ोसी प्यारे लाल बिंद (43) को बाइक पर बैठाकर दवा लेने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी गया था। गांव लौटते समय सैयदराजा थाना क्षेत्र के जेवरियाबाद गांव के नहर के समीप पीछे से आ रहे कंटेनर ने धक्का मार दिया जिससे दोनों गिरकर घायल हो गए। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तबतक सचिन की मौत हो चुकी थी। लोग पुलिस को सूचना देते हुए घायल को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी पहुंचे जहां उपचार के दौरान देर शाम प्यारेलाल की भी मौत हो गई। कंटेनर चालक वाहन समेत भागने में सफल रहा।
शहाबगंज क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव से एक ट्रैक्टर ट्राली पर टेंट का सामान लादकर बुधवार की सुबह दुर्गावती बिहार के लिए चला। ट्रैक्टर शहाबगंज के इकराम नामक व्यक्ति था जिसे उसका लड़का तसउव्वर (35) चला रहा था। टेंट हाउस के श्रमिक भी उसपर बैठे हुए थे। ट्रैक्टर चकिया-चंदौली मार्ग पर ठेकहा गांव के समीप पहुंचा ही था कि अचानक स्टेयरिंग फेल हो गया। इससे ट्रैक्टर ट्राली समेत अनियंत्रित होकर पलट गया। इसमें चालक तसउव्वर समेत आठ लोग घायल हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें शहाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए जहां जांच के पश्चात चिकित्सक ने सरफराज (22) को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल चालक तसउव्वर, सलमान हाशमी (19), अब्दुल कलाम (17), सोनू (20), समीउल्लाह (25), सुनील कुमार (20) और मुस्तफा (40) का प्राथमिक उपचार करने के पश्चात उन्हें बेहतर उपचार के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय चकिया भेज दिया।
किसान यूनियन ने शोक संतप्त परिवार को बंधाया ढांढस
कंदवा (ब्यूरो)। क्षेत्र के रेवसा किलौनी गांव निवासी प्यारे लाल बिंद (42) और सचिन बिंद (19) की बुधवार की अपराह्न सैयदराजा-जमानियां मार्ग पर सड़क दुर्घटना में मौत की खबर पाकर भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष शेषनाथ यादव उनके घर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने जिला प्रशासन से मृतकों के परिजनों को हर सम्भव सरकारी मदद दिलवाने का भरोसा दिया। कहा कि दु:ख की इस घड़ी में भारतीय किसान यूनियन पीड़ित परिवार के साथ है। जब तक उनके परिजनों को सरकार की ओर से हर संभव मदद नहीं मिल जाता तब तक किसान यूनियन संघर्ष करेगा।