बीते 21 अप्रैल को अलीनगर थाना क्षेत्र के नियामताबाद गांव स्थित एक निजी
गोदाम पर हुई लूट व चौकीदार राजेंद्र राम की हत्या के मामले का पुलिस ने
बुधवार को खुलासा कर दिया।
स्थानीय पुलिस व क्राइम ब्रांच की
संयुक्त टीम ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर लूट के
माल को खरीदने वाले तीन अन्य व लूट के माल को वाहन से पहुंचाने वाला
ड्राइवर भी पकड़ा गया है। नगर के चकिया चौराहे के पास पकड़े गए बदमाशों की
निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त राड, लूट का माल, चार हजार रुपये
नकदी व एक मालवाहक वाहन भी बरामद किया है।
नियामताबाद स्थित सुबोध
सिंह के गोदाम पर हुई लूट व हत्या की घटना के बाद अलीनगर व क्राइम ब्रांच
की टीम को बदमाशों को पकड़ने के लिए लगाया गया था।
इस बीच अलीनगर पुलिस को
सूचना मिली कि बदमाश चकिया चौराहे पर खड़े हैं। जिसके बाद अलीनगर व क्राइम
ब्रांच की टीम चौराहे पर पहुंची और सात बदमाशों को पकड़ लिया। बदमाशों ने
चौकीदार की हत्या व लूट की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार करते हुए लूट
के सामान के खरीदारों की भी जानकारी दी। इसके बाद बदमाशों की निशानदेही पर
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त राड समेत चार हजार रुपये नकदी व लूट का माल
खरीदने वाले तीन लोगों को पकड़ा।
एसपी मुनिराज जी कोतवाली में बताया कि
आलमपुर निवासी कुंदन ने अपने साथी कूढ़कला निवासी मुन्ना पासवान और मानसनगर
निवासी राम प्रसाद के साथ मिलकर हत्या व लूट को अंजाम दिया, जबकि अटहवा
निवासी चालक मोनू कुमार वर्मा ने अपनी वैन से लूट का माल खरीदारों तक
पहुंचाया था।
माल खरीदने वालों में नई बस्ती निवासी घनश्याम गुप्ता, चेतगंज
निवासी गुड्डू कुमार गुप्ता और छित्तूपुर निवासी ओमप्रकाश मौर्या शामिल
हैं। एसपी मुनिराज जी ने घटना का पर्दाफाश करने वाली टीम को पुरस्कृत करने
की घोषणा की है। वहीं गोदाम मालिक सुबोध सिंह ने पुलिस टीम को 51 हजार
रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पैसे कमाने की हवस से कर दी राजेंद्र की हत्या
नियामताबाद।
अलीनगर थाना क्षेत्र के नियामताबाद गांव में चौकीदार की हत्या के बाद जिस
तरीके से पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी एवं उनकी टीम द्वारा इस हत्याकांड का
पर्दाफाश की किए जाने से ग्रामीणों में प्रसन्नता व्यक्त की, वहीं इस
हत्याकांड में शामिल गैंग में सुंदरपाल नामक 19 वर्षीय युवक द्वारा
राजेंद्र राम की हत्या किए जाने की बात स्वीकार की गई।
उसने कहा कि पैसा
कमाने की ललक ने हमें इस तरह के कार्य करने पड़े।
राजेंद्र राम की
हत्याकांड के बाद पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी इस पूरे मामले की छानबीन कर रहे
थे। उनके द्वारा इस हत्याकांड के खुलासे में क्राइम ब्रांच एसओजी टीम के
साथ अलीनगर के नवागत थानाध्यक्ष पुनीत परिहार की टीम ने इस मामले को एक
सप्ताह में खुलासा कर दिया।
इस हत्याकांड में सात लोग शामिल रहे। जिसमें
राजेंद्र राम की हत्या करने वाला मुख्य युवक आलमपुर गांव का कुंदन साव था
जिसकी उम्र मात्र 19 वर्ष होगी।
उसने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि
हमलोग पैसा कमाने के चक्कर में इस तरह के कार्य को अंजाम दिए व उसने
स्वीकार किया राजेंद्र राम एक सीधा साधा आदमी था।
उसका मुंह खुल गया और
जैसे ही वह चिल्लाने लगा हमने सरिया से उसके ऊपर प्रहार कर राड से उसकी
हत्या कर दी। और अपने साथियों के साथ माल को छोटी मैजिक में लादकर फरार हो
गए। इस पूरे हत्याकांड में पुलिस ने जिस प्रकार खुलासा किया है। पुलिस
अधीक्षक सहित पूरे टीम के लिए ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है।