कोहरे के च लते ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगने से गुरुवार को तीस ट्रेनें 13 घंटे से अधिक विलंबित होकर गंतव्य को रवाना हुईं। सर्वाधिक विलंबित होकर जाने वाली ट्रेनों में जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस साढ़े 10 घंटे विलंब से गुरुवार को मुगलसराय पहुंचकर गंतव्य को रवाना हुई। प्रस्थान स्टेशन से नहीं चलने के कारण गुरुवार को आठ ट्रेनें गुरुवार को रद्द रहीं। डीआरएम किशोर कुमार ने बताया कि उत्तर भारत में मौसम के बहुत अधिक परिवर्तित होने की वजह से ट्रेनों का परिचालन अत्यधिक प्रभावित हो गया है।
अत्यधिक विलंब से चलने के कारण गुरुवार को संघमित्रा एक्सप्रेस पौने बारह घंटे, हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस नौ घंटे, हावड़ा जोधपुर एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे, सियालदह राजधानी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, हावड़ा मुंबई मेल साढ़े आठ घंटे, विभूति एक्सप्रेस साढ़े नौ घंटे, श्रमजीवी एक्सप्रेस दस घंटे विलंब से मुगलसराय पहुंचकर गंतव्य को रवाना हुईं। कोहरे से ट्रेनों के परिचालन की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। एक से तीन घंटे तक विलंबित होने वाली ट्रेनें इन दिनों 15 घंटे से भी अधिक विलंबित होकर गंतव्य को जा रही हैं। अधिक विलंबित होने के कारण आठ ट्रेनें रेलवे बोर्ड के निर्देश पर गुरुवार को रद्द रहीं। पंजाब मेल, हावड़ा अमृतसर एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, जोधपुर एक्सप्रेस, सियालदह अजमेर एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस, मुंबई मेल, हावड़ा जोधपुर एक्सप्रेस, सियालदह अजमेर एक्सप्रेस, कालका मेल संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, महाबोधि एक्सप्रेस समेत तीस ट्रेनें चार से साढ़े 13 घंटे से अधिक लेट रहीं।