पैसा निकालने के लिए कतार में खड़े लोग।
पुराने नोट चलाने के अंतिम दिन विद्युत वितरण खंड द्वितीय में 68 लाख रुपये जमा हुए। वहीं प्रथम का आंकड़ा नहीं मिल सका है। हालांकि सूत्रों की माने तो वहां भी तीस से चालीस लाख रुपये बिल के रूप में जमा हुए हैं। इस तरह पूरे जिले में एक करोड़ रुपये से अधिक बिजली बिल के रूप मे जमा हो गए।
आठ नवंबर को पांच सौ और हजार रुपये के नोट को लीगल टेंडर से बाहर किए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने 24 नवंबर तक जरूरी सेवाओं में पुराने नोट चलने की बात कही थी। इसके बाद नौ दिसंबर से रेलवे और पेट्रोल पंपों पर पुराने नोट का चलन बंद कर दिया। जबकि अस्पताल, नगर निगम, बीएसएनएल के अलावा बिजली बिल जमा करने में पांच सौ रुपये के पुराने नोट चलाने की तिथि 15 दिसंबर की गई। लोगों इसका खूब फायदा उठाया और एडवांस बिजली बिल0 जमा किए। गुरुवार को बिजली विभाग ने रात आठ बजे तक बिजली बिल के रूप में पुराने नोट लेने की बात कही। इस पर सुबह से ही बकाए बिजली बिल के साथ एडवांस के रूप में बिल जमा करने पहुंचे। विद्युत वितरण खंड प्रथम और द्वितीय पर दिन भर लोगो की आवाजाही लगी रही। अधिकारी और कर्मचारी भी लगातार लोगों को बकाया जमा करने के लिए उत्साहित करते रहे। मुगलसराय स्थित विद्युत वितरण खंड द्वितीय पर देर रात तक 68 लाख रुपये का बिल जमा हुआ जबकि खंड प्रथम का आंकड़ा नहीं मिल पाया। लेकिन एक अनुमान के मुताबिक यहां भी गुरुवार को तीस से 40 लाख रुपये राजस्व के रूप में जमा हुए।