अखिल भारतीय प्रधान संगठन की ओर से शनिवार को सदर ब्लाक परिसर में बैठक हुई। इसमें ग्राम प्रधानों की समस्यों पर चर्चा और 22 सितंबर को जनपद में आने वाली ग्राम स्वराज यात्रा की सफलता के लिए रणनीति तैयार की गई। इस दौरान प्रधानों ने 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने की मांग की।
प्रदेश महासचिव विपिन मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में अफसरों और राजनेताओं ने सांठ-गांठ कर पंचायती राज व्यवस्था को चौपट कर दिया है। देश में केवल ग्राम सभा ही एकमात्र ऐसी ताकत है जो कभी भी विघटित नही हो सकती है। जो व्यक्ति18 वर्ष की अवस्था में मतदाता बन जाता है वह आजीवन ग्राम सभा का सदस्य रहता है। कहा कि प्रधानों को उनके हक और अधिकार के लिए जागरूक करने वाली ग्राम स्वराज जागृति यात्रा एक सितंबर को पीलीभीत से रवाना होगी और 22 सितंबर को चंदौली पहुंचेगी। प्रधान संघ के जिला प्रभारी कृष्ण कुमार द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश में ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों को सरकारों ने पंगु कर दिया है, जिससे ग्राम विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस दौरान प्रधानों ने प्रतिमाह 30 हजार रुपये मानेदय और 10 हजार पेंशन, पंचायत राज संशोधन अधिनियम में प्रदत्त 29 विभाग प्रधानों को दिए जाने, प्रधानों को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस देने, प्रदेश में न्याय पंचायतों का गठन करने, 2011 के आर्थिक सर्वे को समाप्त कर नया सर्वे करने की मांग की। साथ ही 11 सूत्री मांगपत्र खंड विकास अधिकारी को सौंपा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अनुज सिंह, सुजीत सिंह पप्पू, अक्षय कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, रामध्वजा सिंह, राकेश, प्रवीन, शमशेर आदि उपस्थित रहे।