गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी जारी है। शनिवार को गंगा का जलस्तर 72.26 मीटर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर है। जनपद के 70 गांवों में जहां बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है वहीं तीस गांव पूरी तरह घिर गए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा जिले में कुल 19 बाढ़ चौकियां और 16 राहत शिविर बना दिया गया है। प्रशासनिक सूचना के अनुसार जिले के 157 गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हैं। बाढ़ राहत प्रभारी बीबी पांडेय के अनुसार जलस्तर बढ़ने पर दो तीन दिन के अंदर सभी प्रभावित गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है। मुगलसराय तहसील में बने एक राहत शिविर में दो गांवों के 10 परिवार के 48 लोग पहुंच गए हैं।
बाढ़ का पानी 70 गांवों में प्रवेश कर चुका है। इसके अतिरिक्त सकलडीहा तहसील के प्रहलादपुर, गद्दोचक, नौघरा, बुद्धपुर, हसनपुर, तिरगांवा, बलुआ, कांवर, विस्सूपुर, महुआरी, महुअर खास, सराय, विजयी के पुरा, गनेश पुरा, तिरगांवा, हसनपुर, नादी, निधौरा, कुंडा कला, मवईं कला, कुंडा खुर्द, भिसौड़ी समेत जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के तीस गांव पूूरी तरह बाढ़ से घिर चुके हैं। प्रशासन द्वारा सकलडीहा तहसील में 13 बाढ़ चौकी और 12 राहत शिविर तथा मुगलसराय तहसील में छह बाढ़ चौकियां पड़ाव, दुलहीपुर, सहजौर, पांडेयपुर, कटौरी, भूपौली और चार राहत शिविर जूनियर हाई स्कूल जलीलपुर, प्राइमरी पाठशाला दुलहीपुर, प्राइमरी पाठशाला सहजौर, प्राइमरी पाठशाला पांडेयपुर में बना दिया गया है। एसडीएम मुगलसराय सतेंद्र सिंह के अनुसार जूनियर हाई स्कूल जलीलपुर में चौरहट गांव के सात परिवार के पैंतीस लोग और मढ़िया गांव के तीन परिवार के तेरह लोग रह रहे हैं। इन्हें इन्हें राशन और केरोसिन तेल के अतिरिक्त अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। राहत कार्य के लिए बहादुरपुर गांव में तीन नाव भी लगा दी गई है। सकलडीहा एसडीएम जितेंद्र कुशवाहा ने बताया कि राहत शिविर में अभी कोई परिवार नहीं पहुंचा है। प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है। बाढ़ चौकी पर लेखपालों को रहने का निर्देश दिया गया है।