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Chandauli News: दिनभर होती रही बूंदाबांदी, 20 किमी की रफ्तार से चलीं हवाएं, 5 डिग्री कम हुआ अधिकतम तापमान

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पीडीडीयू नगर। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण मौसम ने एक बार फिर से मिजाज बदला है। सोमवार की रात में हुई झमाझम बारिश के बाद मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। दिनभर बूंदाबांदी होती रही। राज्य कृषि एवं मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। अधिकतम तापमान में पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि न्यूनतम तापमान एक डिग्री कम होकर 23 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। दोपहर में एक घंटे के लिए धूप निकली। सामान्य रूप से हिंदी पंचांग के अनुसार जेठ का महीना भीषण गर्मी और तपती दोपहरी के लिए जाना जाता है। इस बार मौसम ने सभी अनुमान बदल दिए हैं। वैशाख महीने में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया था। वहीं, पिछले एक सप्ताह से लगातार आंधी-बारिश के कारण मौसम में बदलाव हो गया है। मौसम में बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। दिन में जहां लोगों को राहत मिली। वहीं, रात में हल्की ठंड महसूस की जा रही है।
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बारिश से फसलों को लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक मौसम परिवर्तन फसलों पर भी प्रभाव डाल सकते हैं। जहां एक ओर बारिश से कुछ फसलों को लाभ मिल सकता है, वहीं, तेज हवाओं और असमय वर्षा से नुकसान की आशंका बनी रहती है।
सात मई से मौसम फिर शुष्क हो जाएगा। तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर फिर से तेज हो सकते हैं।- अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, राज्य कृषि एवं मौसम विभाग
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सात दिन से अंधेरे में गांव, टूटा खंभा बना मुसीबत
पीडीडीयू नगर।
लक्ष्मणपुर गांव में बीते सात दिन से बिजली नहीं होने से अंधेरा है। तेज आंधी के कारण एक बिजली का खंभा टूटकर सड़क पर गिर गया है। इसके बाद से गांव की बिजली आपूर्ति ठप है। हालात यह है कि ग्रामीण अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं। उनकी दिनचर्या प्रभावित हो गई है। भीषण गर्मी और उमस के बीच कूलर, पंखे, टीवी, इन्वर्टर और सबमर्सिबल सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद पड़े हैं। इससे खासकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। खेतों में लगी हरी सब्जियां पानी के अभाव में सूखने लगी हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, सड़क पर पड़ा टूटा बिजली का खंभा अभी तक नहीं हटाया गया है, इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। दोपहिया वाहन किसी तरह निकल रहे हैं। चार पहिया वाहनों को वैकल्पिक मार्ग अना-जाना पड़ रहा है।
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