नियामताबाद। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन व काशियाना फाउंडेशन की ओर से औद्योगिक क्षेत्र को नशामुक्त बनाने की शुरुआत मंगलवार को हुई। जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी संजीव सिंह ने औद्योगिक क्षेत्र फेज एक स्थित यूपीएसआईडीसी के सभागार में किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि नशा सिर्फ जानलेवा व हानिकारक ही नहीं बल्कि दुर्घटना व अनेक आपराधिक कृत्यों के लिये भी उत्तरदायी है। कहा कि रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन की यह पहल सराहनीय हैं। इससे औद्योगिक क्षेत्र की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई मजदूर नशे का आदी हो तो उसकी नशामुक्ति के लिए जिला अस्पताल में केंद्र की व्यवस्था की गई है। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य ने कहा कि कार्य योजना में सभी के सुझाव सम्मिलित किये जायेंगे। कहा कि श्रमिकों के साथ समाज में बढ़ रही विभिन्न प्रकार के नशा सेवन की प्रवृत्ति की रोकथाम के लिये नशा खोरों तक संगठन के लोगों को पहुँचना होगा। उन्हें उपचार के बाद समाज की मुख्यधारा में लाना होगा। राष्ट्रीय नशामुक्ति एवं पुनर्वास समिति भारत सरकार के सदस्य सुमित सिंह ने कहा कि रामनगर औद्योगिक क्षेत्र भारत का पहला नशामुक्त औद्योगिक क्षेत्र हुआ है। कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय देश के 272 जिलों में नशामुक्त भारत अभियान चला रही है। काशियाना फ़ाउंडेशन द्वारा औद्योगिकगण को नशामुक्त परिसर का स्टिकर भेंट की गई। इस मौके पर उपायुक्त उद्योग गौरव मिश्रा, विजय केशरी, सतीश गुप्ता, अजय राय, राम सिंह, सुरेन्द्र राय, आकाश जायसवाल, मुकुंद लाल केशरी, राम सागर, सिद्धार्थ जालान, शिवपूजन जायसवाल, धनंजय, जितेन्द्र जैन आदि मौजूद रहे। संचालन चन्द्रेश्वर जायसवाल ने किया।