पीडीडीयू नगर। शारदीय नवरात्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को कलश स्थापना के साथ आदि शक्ति की आराधना का पर्व शुरू हुआ। विधिवत पूजन और दुर्गा सप्तशती के पाठ के साथ नौ दिवसीय व्रत का संकल्प लिया। वहीं, मंदिरों में सुबह से भक्तों की कतारें लगी रहीं। 25 हजार से ज्यादा भक्तों ने दर्शन-पूजन किया।
नवरात्र के पहले दिन दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की गई। लोगों ने घरों में कलश स्थापित करने के साथ ज्योति जलाई और माता की विधिवत आराधना शुरू की। वहीं मंदिरों सुबह भक्तों की कतारें लग गईं और घंट-घड़ियाल के साथ मां के जयकारे गूंजने लगे। मंदिरों में 25 हजार के करीब भक्तों ने दर्शन किया। सबसे ज्यादा भीड़ नगर स्थित काली मंदिर में रही। इसके अलावा जिले के 275 पंडालों में मां की पूजा की जा रही है। मंदिरों के आसपास चुनरी, नारियल, झंडे और माता के शृंगार की दुकानें सज गई हैं।
कंदवा क्षेत्र के चिरईगांव स्थित मां रेहड़ा भगवती और बरहनी गांव स्थित मां मंशादेवी मंदिर में भी भक्तों की भीड़ जुटी रही। सुबह से देर शाम तक मां के जयकारे गूंजते रहे। चकिया स्थित मां काली मंदिर, झंडा माता मंदिर, पूर्वी बाजार स्थित मां दुर्गा मंदिर, कालिका धाम स्थित मां दुर्गा मंदिर, सिकंदरपुर स्थित मां कोट भवानी मंदिर, मगरौर स्थित मंगला गौरी मंदिर, भीषमपुर स्थित मां वनदेवी मंदिर, जागेश्वरनाथ धाम में भी भक्तों की कतारें लगी रहीं।
शिकारगंज क्षेत्र के मुबारकपुर गांव के पूजा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। यहां मां सरस्वती, लक्ष्मी, कार्तिकेय और भगवान गणेश की मूर्तियों भी स्थापित की गई हैं। समिति के अध्यक्ष रितेश जायसवाल ने बताया कि 42 साल से दुर्गा पूजा महोत्सव की परंपरा जारी है।