पीडीडीयू नगर। जिले में अवैध पटाखों का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। पुलिस घनी आबादी के बीच अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर चुकी है। बरेली में हुए ब्लॉस्ट के बाद एसपी ने सभी क्षेत्राधिकारियों को विशेष जांच अभियान चलाकर पटाखे का अवैध कारोबार करने वालों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
दीपावली नजदीक आते ही पटाखों के अवैध भंडारण का खेल शुरू हो गया है। इसके अलावा अवैध रूप से पटाखों का निर्माण भी किया जा रहा है। अवैध पटाखों के मामले में जिले में भी कई मामले सामने आ चुके है।
20 मार्च 2018 को मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने मढ़िया गांव से अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए 60 किलोग्राम बारूद, 30 किलोग्राम गंधक पाउडर, 130 सुतली बम, आठ किलोग्राम लोहे व पांच किलोग्राम एल्युमिनियम का बुरादा सहित बम बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किये थे।
28 फरवरी 2017 को जिले के चकिया क्षेत्र में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ था। क्षेत्र में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री की भनक न तो पुलिस को लग पाई थी और न ही अन्य एजेंसियों को। बाद में कार्रवाई की गई। 17 अक्तूबर 2017 को पुलिस ने नगर पंचायत सैयदराजा में छापा मारकर अवैध पटाखा फैक्ट्री भंडाफोड़ किया था। इसके अलावा सैयदराजा के दो व्यवसायी 07 फरवरी 2007
में सवारी गाड़ी में पटाखा लेकर पीडीडीयू नगर की ओर आ रहे थे। इसी बीच अलीनगर के झांसी गांव के पास जीटी रोड पर विस्फोट हो गया था, जिसमें दो लोगों की जान चली गई थी।
कोट-
डीजीपी के निर्देश पर सभी सीओ को पटाखा कारोबारियों के लाइसेंस की जांच करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही हर हाल में अवैध कारोबार को रोकने को कहा गया है। पटाखा का अवैध भंडारण और निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -आदित्य लांग्हे, एसपी