फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandauli News: सपा और भाजपा विधायकों में जमकर हुई तू-तू, मैं-मैं, हंगामे की भेंट चढ़ी दिशा की बैठक

विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौली। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को आयोजित दिशा की बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधि आपस में भिड़ गए। पहले सैयदराजा के भाजपा विधायक सुशील सिंह और राबर्ट्सगंज के सपा सांसद छोटेलाल खरवार और फिर मुगलसराय के भाजपा विधायक रमेश जायसवाल और सकलडीहा के सपा विधायक प्रभुनारायण यादव के बीच तू-तू,मैं-मैं हुई। सपा विधायक प्रभुनारायण यादव ने भाजपा विधायक रमेश जायसवाल को ''तुम बैठो'' कह दिया। इस पर भाजपा विधायक और ब्लॉक प्रमुख माफी मांगने पर अड़ गए। अंत तक सपा विधायक ने माफी नहीं मांगी। दिशा की पूरी बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई।
विज्ञापन

सपा सांसद वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जैसे ही दिशा की बैठक शुरू हुई, राबर्ट्सगंज के सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने लोक निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। यह बात बगल में बैठे सैयदराजा विधायक सुशील सिंह को नागवार गुजरी। इसी बात पर सांसद और विधायक आपस में उलझ गए। दोनों के बीच तेज आवाज में बहस होने लगी। इससे माहौल गरम हो गया। वहां मौजूद भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख भी विधायक के समर्थन में आ गए। सांसद वीरेंद्र सिंह ने किसी तरह बीच बचाव कर दोनों को शांत कराया। इसके बाद मुगलसराय से भाजपा विधायक रमेश जायसवाल ने सपा विधायक प्रभु नारायण यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपनी सीमा से बाहर जाकर मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण के मुद्दे को हवा दे रहे हैं। वहीं बिना किसी प्रमाण के भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। इस पर सपा विधायक ने विधायक रमेश जायसवाल की तरफ इशारा करते हुए कहा, बैठो। इस पर भाजपा विधायक भड़क गए और सपा विधायक को मर्यादा में रहकर बात करने की नसीहत दी।
बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक दूसरे को अभद्र और गुंडा तक कह डाला। इस तू-तू, मैं-मैं में सैयदराजा विधायक सुशील सिंह भी शामिल हो गए। इसके बाद माहौल और गरम हो गया और सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधि विधायक से माफी मांगने की मांग करने लगे और बैठक छोड़कर बाहर चले गए। थोड़ी देर बाद विधायक वापस आ गए और बैठक स्थगित करने की मांग करने लगे। अंत तक माहौल शांत नहीं हुआ तो आनन-फानन में बैठक की औपचारिकताएं पूरी की गईं। बाद में भी सत्तापक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधि एक दूसरे पर तानाशाही, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें