जिले में दिनभर धूप के बाद शाम चार बजे के बाद मौसम ने करवट बदल ली। आसमान में बादल छा गए। बारिश नहीं हुई।
इससे लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने शनिवार को बारिश की संभावना जताई है। अधिकतम तापमान बृहस्पतिवार की अपेक्षा एक डिग्री ज्यादा और न्यूनतम तापमान एक डिग्री कम दर्ज किया गया।
10 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलीं। अधिकतम तापमान 37 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जिले में आगामी चार दिनों तक बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं। कंदवा में मौसम के मिजाज में दो-तीन दिन के अंतराल पर बदलाव देखने को मिल रहा है।
मौसम में उतार-चढ़ाव से तेंदू के पत्ते की तुड़ाई प्रभावित : नौगढ़। क्षेत्र में इन दिनों तेंदू पत्ते की तुड़ाई का काम पूरे जोर शोर से चल रहा है। इस बार मौसम की बेरुखी ने इस महत्वपूर्ण वन उपज के संग्रहण में बाधा डाल दी है।
बेमौसम बारिश के कारण जहां तेंदू पत्ता तोड़ रहे श्रमिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वन विभाग भी पत्ते के खराब होने की आशंका से चिंतित है।
काशी वन्यजीव प्रभाग चंदौली के नौगढ़, मझगाई और जयमोहनी रेंज को इस वर्ष कुल 4941 मानक बोरा तेंदू पत्ता तोड़ने का लक्ष्य मिला है। पचास पत्तों की एक गड्डी बनाई जाती है। इसके आधार पर श्रमिकों को भुगतान किया जाता है। एक हजार गड्डी पत्तों से एक मानक बोरा बनता है, लेकिन मौसम की लगातार मार के चलते अभी तक लक्ष्य का 20 फीसदी भी पूरा नहीं हो सका है।
श्रमिकों को शुरुआती पांच दिनों का भुगतान 1500 प्रति श्रमिक ठेकेदार की ओर से नकद दिया जाएगा। इसके बाद का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। प्रत्येक मानक बोरा पत्ते के लिए श्रमिकों को 196 रुपये का भुगतान निर्धारित है। क्षेत्र में तेंदू पत्ता संग्रहण के लिए कुल पांच इकाइयां बनाई गई हैं। नौगढ़ में 21, मझगाई में 16 और जयमोहनी रेंज में 16 टाल (संग्रहण केंद्र) स्थापित किए गए हैं। पानी की समस्या को ध्यान में रखते हुए लौवारी खुर्द में भी दो टाल बनाया गया है। इसके अतिरिक्त औरवाटाड़, पंडी, गहिला, अमदहां, धौहठवा, साड़सोत, गंगापुर, चिकनी, हरदहवा और मझगाई जैसे कई अन्य स्थानों पर भी टाल बनाए तेंदू पत्ते की तुड़ाई वन निगम के लिए राजस्व का स्रोत है।
नौगढ़ के सेक्शन ऑफिसर अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मौसम खराब होने से तेंदू पत्ता की तुड़ाई का कार्य पर निश्चित रूप से प्रभाव पड़ा है। प्रयास रहेगा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सके।