चंदौली। पं. कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में दिल और दिमाग के डॉक्टर ही नहीं है। लंबे समय से न्यूरोलॉजिस्ट, कॉर्डियालाजिस्ट के पद खाली चल रहे हैं। ऐसे में रोज 10-15 मरीजों को वाराणसी रेफर किया जाता है। इसी तरह वहीं, चकिया संयुक्त जिला अस्पताल में फिजीशियन तक नहीं है। जिले के सभी अस्पताल में डॉक्टरों के 62 पद खाली हैं। ऐसे में मरीजों को बेहतर इलाज के दावे बेमानी लग रहे हैं।
चंदौली में दो जिला चिकित्सालय, पांच सीएचसी और तीन पीएचसी हैं। इसके साथ ही 240 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी हैं। लेकिन इनमें अब तक 62 चिकित्सकों के पद खाली हैं। मौसम में बदलाव के कारण सरकारी अस्पतालों में इन दिनों मरीजों की कतार लगी है। लेकिन मरीजों के इलाज के पर्याप्त चिकित्सक ही नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अधीन स्वीकृत 107 पदों में 103 चिकित्सक तैनात है। जबकि चार पद खाली है। जिला स्तरीय संयुक्त चिकित्सालयों में 66 पदों के सापेक्ष 48 ही चिकित्सक तैनात हैं। 18 पद खाली पड़े है।
जिले में मुख्य चिकित्साधिकारी के तहत कुल 107 पदों 103 पद की भरे है चार पद खाली हैं। जिले के जिला स्तरीय चिकित्सालयों में 66 पदों के सापेक्ष त्वचा, फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट सहित 48 पद खाली है। चकिया के संयुक्त जिला अस्पताल में 22 पदों के सापेक्ष 17 पद और चंदौली संयुक्त जिला अस्पताल में 44 के सापेक्ष 31 पद रिक्त है। इसी तरह जिले के 240 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में बनकर तैयार 215 में 197 सेंटरों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तैनात है।
नियुक्ति के बाद भी तीन डॉक्टरो ने नहीं संभाला पदभार
एसीएमओ डॉ. आरबी शरण ने बताया कि संविदा के 16 पद खाली थे, जिसमें 12 पर तैनाती की जा चुकी है। चार पदों पर कुछ चिकित्सकों का साक्षात्कार हो गया था, जिसमें से एक पर तैनाती की गई है। तीन चिकित्सकों ने पद ग्रहण नहीं किया है। ऐसे चिकित्सकों को नोटिस भेजा जाएगा।