चकिया। श्रीकृष्ण भगवान की बरही, बाबा बनवारी दास और लतीफशाह मेले के अंतिम दिन शुक्रवार को मां काली जी मंदिर परिसर स्थित अखाड़े पर विशाल कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दंगल समिति और नगर पंचायत चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में देश के विभिन्न अखाड़ों से पहुंचे नामी-गिरामी पहलवानों ने अपने दांव-पेंच का प्रदर्शन किया।
दंगल प्रतियोगिता का शुभारंभ भाजपा विधायक कैलाश आचार्य ने किया। वहीं, राबर्ट्सगंज के सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने भी दंगल में पहुंचकर पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि कुश्ती हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मिट्टी के अखाड़ों में होने वाली कुश्ती शक्ति, अनुशासन और सम्मान की भावना को दर्शाती है। प्रतियोगिता की सबसे बड़ी इनामी कुश्तियों में 67 हजार रुपये की वाराणसी के सौरभ पहलवान और हरियाणा के नरेश पहलवान के बीच हुई, जो बराबरी पर समाप्त हुई। वहीं, 62 हजार रुपये की कुश्ती उत्तराखंड के शावेद पहलवान और वाराणसी के जसवंत गिरी के बीच बराबरी पर छूटी।
इसके अलावा 5000 रुपये की कुश्ती में बनारस के सुरेंद्र पहलवान ने मिर्जापुर के रामबली पहलवान को हराया। 6000 रुपये की कुश्ती में वाराणसी के आशीष पहलवान ने इसहुल के ऋषि पहलवान को पराजित किया। 2000 रुपये की कुश्ती में हाजीपुर के सूर्यकेश पहलवान विजयी रहे। 10 हजार रुपये की कुश्ती चक्रधारी इसहुल और राजू वाराणसी के बीच बराबरी पर रही। वहीं, 15 हजार रुपये की कुश्ती हरियाणा के काली पहलवान और नैपुरा के शंकर पहलवान के बीच बराबरी पर समाप्त हुई। 15 हजार रुपये की इनामी कुश्ती वाराणसी के रामजी कुशवाहा और नैपुरा के अवध के बीच हुई, जो बराबरी पर रही।
महिला पहलवानों ने भी अखाड़े पर अपने दांव-पेच दिखाए। प्रीतम, संध्या, संगीता और वंदना समेत कई पहलवानों ने जोर आजमाइश की, लेकिन मुकाबले बराबरी पर रहे। इस मौके पर पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार एडवोकेट, श्यामजी सिंह, रामदुलारे गोंड, कैलाश जायसवाल, आलोक जायसवाल, सुजीत जायसवाल, रहमत, संदीप गुप्ता, राममूरत कुशवाहा, राघवेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे। रेफरी की भूमिका फूलचंद पाल और समीम खां ने निभाई। संचालन रामसेवक मास्टर ने किया।