सैयदराजा में पुराने पुल के रेलिंग का रंगरोगन करते श्रमिक। 7
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सैयदराजा। यूपी बिहार बार्डर पर नौबतपुर में कर्मनाशा नदी पर बने नए पक्के पुल के क्षतिग्रस्त होने और मरम्मत का काम अब तक पूरा नहीं होने के कारण नदी पर बने ब्रिटिश काल के पुल से आवागमन शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। ब्रिटिश काल के इस पुल की मरम्मत और लोड टेस्टिंग में पास होने के बाद रविवार से रेलिंग को ठीक कर उसके रंग-रोगन का काम भी शुरू करा दिया गया है। इस बाद इसी पुल से यूपी बिहार के लिए वाहनों का आवागमन शुरू होगा। इस पुल की क्षमता 160 टन की है और इस पर यूपी और बिहार से दो-दो वाहन एक साथ 35-40 टन का माल लेकर आ जा सकेंगे।
दिसंबर 2019 में नौबतपुर कर्मनाशा नदी पर बने चार लेन के नए पक्का पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद आवागमन ठप कर दिया गया था। आवागमन पूरी तरह से बंद होने पर एनएचएआई ने आनन-फानन में कर्मनाशा नदी पर अस्थायी पुल बनाकर आवागमन शुरू कर दिया। एनएचएआई की तैयारी थी कि बारिश में अस्थायी पुल बंद होने पर जून तक नए पक्के पुल को बना लिया जाएगा मगर लॉकडाउन से काम बंद हो गया। ऐसे में कोई विकल्प न देखकर एनएचएआई ने ब्रिटिश काल के बने पुल की मरम्मत शुरू कराई और आवागमन शुरू करने का निर्णय लिया ताकि बारिश में यूपी और बिहार सहित पूर्वोत्तर के राज्यों का संपर्क न टूटे। इस पुल की मरम्मत के बाद लोड टेस्टिंग में पुल पास हो गया। अब क्षतिग्रस्त रेलिंग की मरम्मत कर उसके रंग रोगन का काम शुरू करा दिया गया है। टेक्निकल मैनेजर नागेश सिंह ने बताया की पुराने पुल को आवागमन के लिए सोमवार तैयार कर लिया जाएगा। लेकिन अभी आवागमन के लिए खोला नहीं जायेगा। यूपी और बिहार के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पुल से वाहनों को आवागमन के लिए हरी झंडी दी जाएगी।