कंदवा। वर्ष 2016 में विज्ञापित 12 हजार 460 शिक्षकों में उच्च गुणांक के आधार पर चयनित चंदौली जनपद के 70 अभ्यर्थी चार वर्ष बाद भी नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं। इन चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार से अविलंब नियुक्ति पत्र निर्गत किए जाने की मांग की है।
गौरतलब है कि 15 दिसंबर 2016 में परिषदीय स्कूलों के 12 हजार 460 पदों पर शिक्षक भर्ती शुरू हुई थी। उस दौरान 51 जिलों में पद थे और 24 जिलों में पद शून्य थे। तब सरकार ने इन 24 जिलों के अभ्यर्थियों को प्रथम वरीयता के आधार पर 51 जिलों में से किसी एक में आवेदन करने का अवसर दिया था। तब तक प्रदेश में सरकार बदल गई। बीजेपी की नई सरकार बनने पर 13 मार्च 2017 को सभी भर्तियों पर रोक लगा दी गई। बाद में सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर 4 अप्रैल 2018 को दोबारा भर्ती शुरू हुई। इस दौरान 51 जिलों के लगभग चार हजार चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए गए। शेष 24 जिलों के चयनित उच्च गुणांक वाले आठ हजार अभ्यर्थियों को विद्यालय तो एलाट हो गए लेकिन नियुक्ति पत्र नहीं मिल सका। इस दौरान चंदौली जनपद के चयनित 216 अभ्यर्थियों में से 146 अभ्यर्थियों को तो नियुक्ति पत्र मिल गया लेकिन 70 चयनित अभ्यर्थी चार वर्ष बाद भी नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं। ये चयनित अभ्यर्थी पिछले चार वर्षों से काफी परेशान हैं और दर-दर की ठोकरें खाने को विवश हैं। जनपद के चयनित अभ्यर्थियों में प्रियंका त्रिपाठी, मनोज कुमार सिंह, प्रिया सिंह, सुनीता कुमारी, पूजा यादव, श्रेया कुमारी, मोहित द्विवेदी और उमेश कुमार ने सरकार से अविलंब नियुक्ति पत्र निर्गत किए जाने की मांग की है।