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नारी शक्ति वंदन अधिनियम सिर्फ आरक्षण नहीं बल्कि नेतृत्व का अधिकार भी : संजीव

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चंदौली में महिला सम्मेलन में बोलते प्रभारी मंत्री संजीव गोंड। स्रोत:-जागरूक पाठक - फोटो : अमर उजाला
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चंदौली। जगदीशसराय स्थित एक कॉलेज में सोमवार को भाजपा की ओर से आयोजित महिला जन आक्रोश सम्मेलन में नारी सशक्तीकरण और महिला आरक्षण पर चर्चा हुई।
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मुख्य अतिथि के रूप में चंदौली के प्रभारी मंत्री संजीव कुमार गोड़ शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम सिर्फ 33 प्रतिशत आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को नेतृत्व, निर्णय क्षमता और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका देने का संकल्प है। इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
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सभा को संबोधित करते हुए भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि दशकों से लंबित मांग को पूरा करके प्रधानमंत्री ने देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। राज्यसभा सांसद साधना सिंह ने कहा कि यह अधिनियम ‘सशक्त नारी, सशक्त भारत’ के संकल्प को साकार करेगा और महिलाओं को नई ऊर्जा व अवसर देगा। चकिया के भाजपा विधायक कैलाश आचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना जमीन पर उतर रही है। जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह ने कहा कि आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। महिला आरक्षण राष्ट्रीय हित का निर्णय है। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए विपक्षी नेताओं के खिलाफ आक्रोश जताया और पुतला दहन किया। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह, सुजीत जायसवाल, शिवराज सिंह, केएन पांडेय, किरन शर्मा, गीता रानी गुप्ता, सुषमा गिरी, निधि तिवारी, रेनू सिंह, रेनू तिवारी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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