रामनगर थाना अंतर्गत सूजाबाद गांव में सरकारी देशी शराब की दूकान को बंद
कराने के लिए तीन दिनों से दुकान के समक्ष चल रहे महिलाओं के बेमियादी धरने
के दौरान मौके पर मंगलवार को वाराणसी के सिटी मजिस्ट्रेट सहित पुलिस
अधिकारी पहुंचे।
करीब चार घंटे तक सुलह समझौते का प्रयास किया गया,
लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हुआ। महिलाओं ने दुकान बंद कराने के लिए
जुलूस भी निकाला। महिलाओं न मानने पर प्रशासनिक अधिकारी बैरंग वापस लौटे।
सूजाबाद
गांव में चल रहा महिलाओं का धरना प्रदर्शन तूल पकड़ता जा रहा है।
महिलाएं
चार दिनों से अनशन पर बैठी हैं।
महिलाओं ने दूकान को जबरन बंद करा दिया है।
धरने के चौथे दिन जिला प्रशासन को धरने की सुधि आयी। मंगलवार को दोपहर में
वाराणसी के सिटी मजिस्ट्रेट, जिला आबकारी अधिकारी, सीओ और चार थानों के
थानाध्यक्ष बड़े पैमाने पर पुरुष और महिला कांस्टेबल पहुंचे।
बड़े पैमाने
पर फोर्स को देख महिलाओं को जबरन धरने से हटाने की बात क्षेत्र में फैली और
लोगों की भीड़ जुटने लगी। अधिकारियों ने महिलाओं को समझाने का प्रयास
किया।
आश्वासन दिया कि दो दिन भीतर दूकान दूसरी जगह शिफ्ट की जाएगी। लेकिन
धरनारत महिलाएं नहीं मानी। चेतावनी दी कि जब तक दूकान यहां से नहीं हटाई
जाएगी धरना जारी रहेगा।
महिलाओं ने कहा कि दुकान की वजह से पूरे गांव
के लोंगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। दुकान का शटर मुख्य रोड और गांव की
ओर जाने वाली गली में एक साथ खुलती है।
एक तरफ यदि शटर बंद भी हो जाता है
तो रात में गांव जाने वाले संपर्क मार्ग की तरफ खुलने वाले शटर को खोलकर
शराब बेची जा रही है। ऐसे में जब तक दूकान नहीं हटेगी महिलाएं डटी रहेंगी।
इस संबंध में आए सीओ राहुल राज ने कहा कि महिलाओं को समझाने का प्रयास किया
गया लेकिन वे नहीं मानीं। उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचायी
जाएगी। हां महिलाएं यदि कानून को अपने हाथ में लेती हैं तो उनके खिलाफ
कार्रवाई की जाएगी। इसके पूर्व महिलाओं ने धरना के चौथे दिन गांव में जुलूस
निकाला औरव शराब की दुकान बंद करो के नारे लगाए। धरना देने वालों में
मीना ,लक्ष्मीना, बचनो, पुनम, कुसुम, तारा, गीता, परमिला आदि रहीं।