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Chandauli News: जिले में 3 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है जल स्तर

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टांडाकला में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद जुटे लोग। संवाद
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गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले 24 घंटे में जल स्तर 3 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ी है। सोमवार को गंगा चेतावनी बिंदु से 4.28 मीटर नीचे रहीं। जल स्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी के कारण तटवर्ती इलाके के लोगों में भय का माहौल है। पिछले चार दिनों से गंगा के जल स्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार की शाम चार बजे तक जल स्तर 65.98 रहा। इसके पहले रविवार की शाम चार बजे तक जल स्तर 65.30 दर्ज किया गया था। वहीं इसके पहले शुक्रवार को 63.56 मीटर जल स्तर रहा। इस तरह देखा जाए तो चार दिनों में गंगा का जल स्तर 2.42 मीटर तक बढ़ा है।
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वहीं पिछले चौबीस घंटे में लगभग 3 सेमी प्रति घंटे के हिसाब से 69 सेमी जल स्तर में बढ़ोतरी हुई है। जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि का असर तटवर्ती इलाकों में दिखने लगा है। नियामताबाद के बाद पड़ाव, कुंडा खुर्द, कुंडा कला, चहनिया के भूपौली, डेरवा, बलुआ, मारूफपुर, विजय पुरा, गणेश पुरा, सहेपुरा, नादी निधौरा के साथ धानापुर विकास खंड के विभिन्न गांवों में घाट की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। वहीं सिवान के पास पानी पहुंचने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पिछले चौबीस घंटे में गंगा के तटवर्ती इलाकों में 10.60 मिमी बारिश हुई है। ऐसे में अभी जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो सकती है। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है।
वहीं 71.262 मीटर पर खतरे का निशान है। वहीं 09 सितंबर 1978 को आई बाढ़ के दौरान गंगा का जल स्तर सर्वाधिक 73.901 मीटर तक पहुंच गया था। इस तरह वर्तमान में जिले में गंगा चेतावनी बिंदु से 4.28 मीटर नीचे हैं। टांडाकला संवाददाता के अनुसार गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी लगातार जारी है। पूर्व में बाढ़ आने के दौरान पुरा विजयी, पुरागणेश, चकरा, नादी, पकड़ी गांवों के मार्गों पर चौतरफा पानी लगने से लोगों को आवागमन करने के दौरान भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। वहीं गंगा तटवर्ती गांव भूपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर , पकड़ी, महुअरिया, विशुपुर , महुआरी खास , सराय , बलुआ , डेरवा कला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, चकरा, हरधन जुड़ा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगावां, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा , सहेपुर, मुकुंदपुर, नौदर आदि गंगा के किनारे खेतों में रोपी गई सब्जियां, ज्वार, बाजरा आदि डूब गई है।
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