नगर पालिका ने शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में 24 स्थानों पर वाटर कूलर लगवाया था। इसमें से 11 स्थानों पर सिर्फ लोहे की जालियां बची हैं।पालिका कार्यालय से 73 कदम दूरी पर लगे वाटर कूलर भी गायब हो गए हैं। नगर पालिका कार्यालय में पूछने पर पता चला कि मरम्मत के लिए भेजे गए हैं। हर साल वाटर कूलर की मरम्मत के लिए पालिका दो लाख रुपये खर्च करती है। यह काम मार्च के अंतिम सप्ताह तक हो जाना चाहिए था। अब जब तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा तब पालिका को वाटर कूलर की सर्विस कराने की याद आई। कसाब महाल तिराहा, सिंचाई विभाग कॉलोनी के सामने, गांधी कॉम्प्लैक्स के पास वाटर कूलर गायब हैं।
नगर में शीघ्र ही सभी स्थानों पर वाटर कूलर लगा दिए जाएंगे। कई स्थानों पर लगे वाटर कूलर खराब थे। उनकी मरम्मत करवाई जा रही है। जिनकी मरम्मत हो गई है उन्हें लगाकर चालू कर दिया गया है। - सोनू किन्नर, चेयरमैन, नगर पालिका, पीडीडीयू नगर