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ठंड से तीन लोगों ने तोड़ा दम

Tue, 19 Jan 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
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पिछले दो  दिनों से मौसम में अचानक परिवर्तन से लोगों को परेशानी बढ़ गई है।
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पिछले चौबीस घंटों में ठंड ने तीन लोगों की जान ले ली है। तापमान में करीब पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। अगले 24 घंटों में तापमान के करीब तीन डिग्री तक और गिरने की संभावना जताई जा रही है।


   सैयदराजा सवाददाता के अनुसार रविवार की देर रात नगर के विभिन्न वार्डों में ठंड लगने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। नगर के वार्ड संख्या आठ सैयदनगर में नाजमा (55) पत्नी मरहूम बाबूलाल की तबियत खराब हो गई।
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   रविवार की रात में उल्टी दस्त की शिकायत पर परिवार वाले उसे इलाज के लिए ले जाने की सोच ही रहे थे कि नाजमा की मौत हो गई। जबकि वार्ड नंबर बारह किदवई नगर निवासी मुन्ना अंसारी की माता माजदा (58) की तबियत भी खराब हो गई। उसने अस्पताल ले जाने के पहले ही दम तोड़ दिया।

इसी तरह नगर के ही वार्ड संख्या तीन हसरत मुहानीनगर निवासी नाजरीन (55) पत्नी निजाम को आधी रात के बाद अचानक उल्टी दस्त की शिकायत हुई। घर पर ही उसकी मौत हो गई। हालांकि परिवार वालों ने किसी के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया और शव का अंतिम संस्कार कर दिया।


    मौसम का  मिजाज बदलने के बाद लोगों की दिनचर्या भी बदल गयी। सोमवार को भगवान  भास्कर का दर्शन ठीक से तो नहीं हुुुआ लेकिन शाम होते ही हल्की     बारिश से गलन बढ़  गई। शाम होते ही लोग घरों में सिमट गए जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। अलाव जलाकर  लोग अपने को गर्म करने की जुगाड़ में लग गये।


ठंड के मौसम में जनवरी के  पहले पखवारे ने ही मार्च महीने की गर्मी का अहसास करा दिया था और लोग फसलों को लेकर चिंतित थे। जनवरी के शुरुआत तापमान जहां 26 डिग्री तक पहुंच गया था और मकर संक्रांति से पहले तक स्थिति वही बनी रही।

वहीं खरमास बाद शुरू हुए दूसरे पखवारे ने ठंड का एहसास कराकर किसानों के चेहरे पर खुशियां लौटा दीं। तापमान एकाएक गिरकर 20 डिग्री से नीचे आ गया।

सोमवार को तापमान और अधिक गिरकर 12 डिग्री तक पहुंच गया।
 शाम को हुई हल्की बारिश ने तापमान को और ठंडा कर दिया। दूसरी ओर एकाएक ठंड बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई।  आयी तो ठंड के चलते लोग व परेशान होने लगे।


बच्चों को ठंड में पहला दिन  गुजारना पड़ा। वहीं शिशुओं की देखभाल करने में माताओं को परेशानी उठानी पड़  रही है। कपड़े न सूखने के कारण उन्हें अन्य तरीके से सुखवाना पड़ा। वहीं  बुजुर्गों को भी परेशानी हो रही। जबकि अस्थमा,गठिया, एलर्जी से पीड़ितों के  लिये परेशानी का सबब बना रहा है। 

नगर पालिका के द्वारा गर्म मौसम के कारण  अलाव नहीं जलाया जा रहा था। दो दिनों बदलने के बाद अलाव जलाये गये। ठंड से  निजात पाने के लिये लोग अलाव के  आसपास जमा हो गये। वहीं शाम होते ही लोग  घरों की ओर लौट गये।


सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। सोमवार की सुबह से ही मौसम  में तब्दीली दिखने लगी थी।आसमान में कोहरे का चादर फैला था। कुछ देर के  लिये भगवान भास्कर चादर की ओट से बाहर तो निकले मगर कुछ  देर बाद ही गायब  हो गये। शाम होते होते मौसम ने रुख और कड़ा कर लिया। ठंड की बयार बहने के  साथ ही लोगों के शरीर पर गर्म कपड़े तन गये। शाम चार बजते बजते आसमान में अंधेरा छाने लगा।
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वहीं स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने आये यात्री भी ठंड से व्याकुल रहे। मौसम के अचानक करवट लेने से मानव सहित पशु, पक्षी सभी बेहाल रहे। वहीं स्कूल जाने के लिये बच्चों को सुबह उठना दुष्कर हो गया है।

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