पीडीडीयू नगर/इलिया। जिले में मौसम लगातार बदल रहा है। तीन दिन से धूप निकलने के बाद शुक्रवार को गलन फिर बढ़ गई। अधिकतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया, जो बृहस्पतिवार के 19 से एक डिग्री ज्यादा रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान दूसरे दिन भी सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवा चलने के कारण लोग ठिठुरते रहे। शाम से पहले ही गलन बढ़ गई।
जिले में तीन दिनों से निकल रही धूप से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलने लगी थी लेकिन शुक्रवार को मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया। सुबह आसमान साफ रहा और धूप भी निकली। इसके बावजूद ठंड के तेवर कम नहीं हुए। धूप के बावजूद दिनभर गलन बनी रही जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। शुक्रवार की सुबह धूप निकलने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी लेकिन ठंडी हवा और नमी के कारण धूप बेअसर साबित हुई। दोपहर में भी कमरों के अंदर ठिठुरन महसूस की जाती रही।
गलन भरी ठंड के चलते लोग धूप में निकलने के बावजूद गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। वहीं इलिया क्षेत्र में सुबह आसमान साफ रहा और धूप खिली लेकिन ठंडी हवाओं और कम तापमान के चलते धूप बेअसर साबित हुई। दिनभर गलन बनी रहने से लोगों को ठंड से खास राहत नहीं मिल सकी। बाजारों में चहल-पहल तो दिखी, लेकिन लोग जल्दी-जल्दी अपने काम निबटाकर घर लौटते नजर आए। बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से ज्यादा परेशानी हुई।
ग्रामीण इलाकों में खेतों की ओर जाने वाले किसानों ने भी ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए। शाम ढलते ही गलन और बढ़ गई जिससे लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया। ठंड के कारण चाय की दुकानों और अलाव के आसपास लोगों की भीड़ लगी रही। राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिम-उत्तर दिशा से चल रही ठंडी हवाओं के कारण धूप होने के बावजूद तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम गलन बने रहने की संभावना है।
इनसेट......
गलन से बचने के लिए अलाव बना सहारा
टांडाकला। क्षेत्र में शुक्रवार को भोर में घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह चार से आठ बजे तक कोहरे का असर रहा। इसके बाद पछुआ हवा चलने से कोहरा छंटना शुरू हुआ और धूप निकली। शाम से पहले ही फिर गलन तेज हो गई, जिससे लोग घरों में दुबक गए। संवाद
इनसेट....
पुरवा हवा से डर रहे किसान
टांडाकला। किसान हरदेव पांडेय आदि ने बताया कि अभी चल रही पछुआ हवा फसलों के लिए फायदेमंद है। इससे फसलों को नुकसान नहीं होगा, हालांकि पशुओं के लिए यह ठंड कष्टकारी है। कहा कि यदि इस बीच पुरवा हवा चली तो तिलहन और दलहन की फसलों में लाही का प्रकोप बढ़ सकता है। इससे गेहूं व अन्य फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। फिलहाल पछुआ हवा ने किसानों को बड़ी राहत दे रखी है। संवाद